रिकॉर्ड नामांकन:जिले के सरकारी स्कूलाें में पिछले साल की तुलना में 10617 स्टूडेंट बढ़े

झुंझुनूं17 दिन पहले
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  • कोरोना से पहले 2019 में 141830 विद्यार्थी थे, 2020 में 157976 हुए और इस साल 168593 बच्चों ने लिया प्रवेश

काेराेना के चलते स्कूलाें के बंद रहने के बाद भी जिले की सरकारी स्कूलाें 19 फीसदी नामांकन बढ़ गया है। इसमें जिले के 1478 सरकारी स्कूलाें में नए सत्र में 10617 विद्यार्थी बढ़े हैं। दो साल में 26763 नए बच्चे बढ़ गए हैं। इसमें भी माध्यमिक स्कूलाें का नामांकन प्रारंभिक स्कूलाें की तुलना में ज्यादा बढ़ा है। शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ाें के अनुसार जिले में 517 माध्यमिक और 961 प्रारंभिक स्कूल हैं। इन स्कूलाें में वर्तमान सत्र में 168593 विद्यार्थी नामांकित हुए हैं। जबकि पिछले साल सरकारी स्कूलाें का नामांकन 157976 था।

काेराेना से पहले सत्र 2019-20 में 141830 विद्यार्थी नामांकित थे। उदयपुरवाटी ब्लाॅक की सरकारी स्कूलाें में जिले में सर्वाधिक नामांकन बढ़ा है। डीईओ माध्यमिक अमरसिंह पचार ने बताया कि जिले में सरकारी स्कूलाें में शिक्षकाें काे ड्राप आउट और विद्यालय नहीं जाने वाले विद्यार्थियाें काे जाेड़ने का लक्ष्य दिया गया था। जिसके कारण से इस सत्र में नामांकन काफी बढ़ा है।

सर्वाधिक नामांकन उदयपुरवाटी ब्लॉक में बढ़ा, सबसे कम चिड़ावा ब्लॉक में

जिले में आठ ब्लाॅक की सरकारी स्कूलाें में पिछले साल की तुलना में नामांकन ज्यादा रहा है। किसी भी ब्लाॅक में विद्यार्थी संख्या नहीं घटी है। जिले में उदयपुरवाटी में सर्वाधिक नामांकन दर्ज हुआ है। यहां इस साल 29925 विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं। जबकि नवलगढ़ में 24744, झुंझुनूं ब्लाॅक में 24574, खेतड़ी में 22891 विद्यार्थी सरकारी स्कूलाें में है। इनके अलावा अलसीसर में 18584, बुहाना में 14750, चिड़ावा में 14687 और सूरजगढ़ में 18438 विद्यार्थी है।

जानिए, वे तीन बड़े कारण जिनकी वजह से बढ़ा नामांकन

  • शिक्षा विभाग के अधिकारियाें काे तीन महीने में एक बार विद्यालय का निरीक्षण करने की अनिवार्यता की गई है। जिसमें नामांकन का भी निरीक्षण किया जाता है। इसके कारण संस्था प्रधान शिक्षकाें के साथ सक्रिय रहे हैं।
  • काेराेना के बाद महानगराें में रहने वाले परिवार स्थाई रूप से पैतृक गांवाें में आ गए हैं। ऐसे में प्रवासी परिवाराें के विद्यार्थी सरकारी स्कूलाें में ज्यादा नामांकित हुए हैं। जिन ब्लाॅक में प्रवासी ज्यादा आए हैं, वहां नामांकन बढ़ा है।
  • सरकार की विभिन्न याेजनाओं का लाभ मिलने के कारण से छात्राएं काफी नामांकित हुई हैं। छात्राें के मुकाबले छात्राओं की संख्या हर स्कूल में बढ़ी है। वहीं महात्मा गांधी स्कूलाें का शुरू हाेना भी काफी फायदेमंद रहा है।
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