ऑक्सीजन ऑडिट:बीडीके समेत नाै अस्पतालाें में बने 12 ऑक्सीजन प्लांट, लेकिन जनरेटर नहीं आने से तीन महीने बाद भी हैंडओवर नहीं किए गए

झुंझुनूं2 महीने पहले
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आंक्सीजन प्लान्ट के ताला लगा हुवा । - Dainik Bhaskar
आंक्सीजन प्लान्ट के ताला लगा हुवा ।

कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन की आशंकाओं के बीच मंगलवार को जिले में इटली से लौटी महिला कोरोना पॉजिटिव मिली है। महिला में ओमिक्रॉन की जांच के लिए सैंपल जयपुर भेजे गए हैं। इधर, वापस लौट रहे इस संकट के बावजूद चिकित्सा विभाग और प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ सकती है। कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच दैनिक भास्कर ने सबसे ज्यादा जरुरी ऑक्सीजन के इंतजामों की पड़ताल की तो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई।

जिले के नाै अस्पतालाें में 12 ऑक्सीजन प्लांट तैयार हाेने के बाद भी अभी तक इनकाे अस्पतालाें काे साैंपा नहीं गया है। इसके पीछे ऑक्सीजन प्लांट में टेस्टिंग नहीं हाेने और जनरेटर सेट नहीं आना बड़ा कारण है। जिसके चलते तीन महीने बाद भी प्लांट अस्पतालाें काे नहीं मिल रहा है।

बीडीके जिला अस्पताल में पांच ऑक्सीजन प्लांट बन चुके हैं, लेकिन इनमें से एक ही प्लांट चल रहा है। बिसाऊ में ऑक्सीजन प्लांट अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हाे पाया है। इसी तरह के हालात जिले के अन्य अस्पतालाें में भी मिले। इनमें अधिकतर ऑक्सीजन प्लांट में जनरेटर सेट ही नहीं पहुंचे हैं।

बीडीके अस्पताल : ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ तो प्लांट भी नहीं सौंपे
जिले में बीडीके अस्पताल में पांच ऑक्सीजन प्लांट बन चुके हैं। इनमें से एक 35 सिलेंडर व डीआरडीओ का 250 सिलेंडर क्षमता के दाे ऑक्सीजन प्लांट बीडीके प्रबंधन काे मिले हैं, लेकिन नगर परिषद और विधायक काेष से बने 100 व 50 ऑक्सीजन सिलेंडर तथा एनएचएम का 65 सिलेंडर क्षमता का प्लांट अभी तक नहीं मिल पाया है।

डीआरडीओ के प्लांट के लिए अभी जनरेटर सेट नहीं आया है। भुगतान नहीं हाेने से नगर परिषद के दाेनाे प्लांट ठेकेदार ने नहीं साैंपे हैं। तीसरा प्लांट के ऑक्सीजन शुद्धता की रिपाेर्ट सही नहीं हाेने से अटका है।

बिसाऊ : जटिया अस्पताल में 38 लाख की लागत से बनने वाला प्लांट अधूरा

प्लांट अधूराबिसाऊ के जटिया अस्पताल में 38 लाख रुपए की लागत से 50 सिलेंडर क्षमता का प्लांट अभी तक अस्पताल काे नहीं मिल पाया है। इसका काम अधूरा हाेने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने इसे लेने से मना कर दिया है। अस्पताल के प्रभारी डॉ, राजेश चौधरी की माने ताे ऑक्सीजन प्लांट की सप्लाई लाइन में लीकेज हाे रहा है।

जिससे सही प्रेशर नहीं मिल रहा है। दूसरा इसके लिए अभी तक जनरेटर सेट भी नहीं मिल पाया है। उन्हाँने बताया कि प्लान्ट से डाली गई सप्लाई लाइन के गढ्ड़े भरे ही नहीं गए हैं। ये काम हाेने के बाद ही ऑक्सीजन प्लांट हैंडओवर हाेगा।

प्लांट बने, पर जनरेटर नहीं मिला तो हैंडओवर भी नहीं

जिले के पिलानी, चिड़ावा, उदयपुरवाटी, गुढ़ागाैड़जी, मलसीसर, सूरजगढ़ के अस्पतालाें के ऑक्सीजन प्लांटाें में जनरेटर सेट नहीं मिले हँ। जिसकाे लेकर स्थानातंरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हाे पा रही है। कई जगह टेस्टिंग रिपाेर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

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