कोरोना साइड इफैक्ट:27 दिन में 73 की कोरोना से मौत, पहली बार मृत्यु दर 1% से ऊपर

झुंझुनूं6 महीने पहले
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जिले में कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने लगा है, लेकिन कोरोना मरीजों की मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। जिले में मई के 26 दिन में 73 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। जिसके चलते जिले में 15 महीनों में पहली बार मृत्युदर एक प्रतिशत पर आ पहुंची है।

बीते पखवाड़े की बात करें तो 1 मई से 15 मई के दौरान जिले में 4786 नए संक्रमित मिले और इस अवधि में 34 मौतें हुई थी। यानी मृत्यु दर 0.71 फीसदी रही। वहीं 16 मई से 27 मई तक 12 दिनों के दौरान जिले में 2569 पॉजिटिव मिले हैं, लेकिन इस दौरान 39 मौतें हुई है। जिससे मृत्यु दर 1.51 फीसदी हो गई।

फिर भी लापरवाही : छापोली में कोरोना के शिकार हुए दोनों सगे भाइयों की उम्र 30 साल से कम थी

उदयपुरवाटी, कोविड प्रोटोकाॅल का पालन ठीक से नहीं करने का नतीजा कई परिवार भुगत चुके हैं। एक माह में एक ही परिवार में चाची-भतीजा व छापोली में दो सगे भाइयाें की काेराेना से माैत हाे चुकी है। इस साल कोविड से मरने वालों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद ना प्रशासन सख्ती दिखा रहा है और ना ही लोग इतने ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं।

पिछले साल पॉजिटिव आते ही उसे क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया जाता था जिससे परिवार के दूसरे लोग सुरक्षित रहते थे। इस बार घर में ही क्वारेंटाइन करने से प्रोटोकाॅल का पूरी तरह से पालन नहीं होता है और परिवार के दूसरे सदस्य भी चपेट में आ जाते हैं। कई परिवारों में एक से अधिक सदस्य पॉजिटिव आए हैं। कस्बे में जमात इलाके में कोविड लक्षण वाले एक युवक की 29 अप्रैल को मौत हो गई थी।

अगले दिन 30 अप्रैल को उसकी बेटी की शादी थी लेकिन परिवार की सारी खुशियां गम में बदल गई। उसके 20 दिन बाद ही उसकी चाची की मौत हो गई। दोनों ही संक्रमित थे। इसी प्रकार छापोली में करीब 15 दिन पहले एक युवक की मौत हो गई थी। उसकाे सांस लेने में परेशानी हो रही थी।

उसके तीन दिन बाद ही उसके छोटे भाई की तबीयत बिगड़ गई जिसे झुंझुनूं व जयपुर के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया लेकिन बुधवार को उसकी भी मौत हो गई। कोविड लक्षण वाले दोनों सगे भाई 30 साल से कम उम्र के थे।

जैतपुरा में दाह संस्कार में शामिल हो गए सैकड़ों : निकटवर्ती जैतपुरा में दो दिन पहले एक महिला की मौत हो गई थी। महिला के ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर लगा रखा था व उसे इलाज के लिए सीकर भी लेकर गए थे। उसके अंतिम संस्कार में कई लोग शामिल हो गए। मृतका भी किसी कार्यक्रम में एक संक्रमित महिला के संपर्क में आ गई थी।

सरकार ने ग्रामीण इलाके में निगाह रखने के लिए कोर कमेटी बना रखी है लेकिन निगरानी नहीं की जा रही है। शहर में कोविड संक्रमित के अंतिम संस्कार में भी लोग शामिल हो गए व उसके घर भी बैठने का दौर जारी रहा है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी व कोर कमेटी के लोग क्या कर रहे हैं।

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