सुरक्षित मातृत्व अभियान:पीएचसी, सीएचसी समेत विभिन्न अस्पतालाें में 9 को हाेगी गर्भवतियाें की जांच, देखभाल की दी जाएगी जानकारी

झुंझुनूं2 महीने पहले
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले में गर्भवती महिलाओं की विभिन्न जांच होंगी। - Dainik Bhaskar
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले में गर्भवती महिलाओं की विभिन्न जांच होंगी।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 9 दिसंबर काे जिले के प्राथमिक, सामुदायिक अस्पतालाें में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। इसके अलावा हाई रिस्क वाली गर्भवतियाें की जांच के बाद उनकाे विशेष परामर्श दिया जाएगा। आरसीएचओ डाॅ. दयानंद सिंह ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ सीएचसी, उप जिला अस्पताल, शहरी स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया जाएगा।

इसमें गर्भवती महिलाओं की विभिन्न तरह की जांच हाेगी। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सक जांच के बाद उनकाे परामर्श देंगे। इसमें जाेखिम वाले प्रसव काे लेकर गर्भवतियाें काे बताया जाएगा। स्थिति गंभीर हाेने पर हायर सेंटर पर रेफर किया जाएगा। अस्पतालाें में गर्भवतियाें को पोषण आहार व गर्भकाल के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाएगा।

आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह ने बताया कि अभियान के अंतर्गत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित समस्त चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था एवं प्रसव संबंधी समस्त जानकारी दी जाएगी। वही प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं की गुणवत्ता युक्त प्रसव पूर्व जांच सुविधाएं देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जा रहा है।

एचआईवी, सिफलिस, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन व ह्रदय गति की हाेगी जांच

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं में खून, एचआईवी, सिफलिस, रक्तचाप, तापमान की जांच, ह्रदय स्पंदन की जांच समेत अन्य जटिलताओं की जांच हाेगी। अस्पताल में आने वाली गर्भवतियाें काे आईएफए, कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाएं भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सुनिश्चित किया जायेगा कि दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिला का कम से कम एक बार चिकित्सक हैल्थ चेकअप जरूर करें।

इस प्रकार अभियान के दौरान गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जोखिम के कारणों का समय पर पता लग पाएगा। इससे विभिन्न कारणों से होने वाली असमय मृत्यु के खतरे पर को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। अभियान के दौरान अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका उपचार कर किसी भी प्रकार की जटिलता पाए जाने पर 104 जननी एक्सप्रेस वाहन के जरिए निशुल्क उच्च चिकित्सा संस्थान पर रेफर किया जाएगा।

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