सेना भर्ती रैली के लिए आक्रोश रैली:दाे साल से झुंझुनूं में सेना भर्ती नहीं हाेने से युवाओं में आक्रोश, कलेक्ट्रेट पर रास्ता रोककर किया प्रदर्शन

झुंझुनूं6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते रैली में शामिल युवा। - Dainik Bhaskar
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते रैली में शामिल युवा।

दाे साल से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद झुंझुनूं में सेना भर्ती रैली नहीं होने के विरोध में सोमवार को युवाओं ने स्टेडियम से लेकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और रास्ता राेककर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्टर को रक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व जिले के युवा सुबह 11 बजे स्वर्ण जयंती स्टेडियम के पास एकत्रित हुए। यहां से रैली के रूप में रवाना हुए।

करीब डेढ़ किमी तक निकाली इस रैली में युवा तिरंगा हाथाें में लिए नारे लगाते हुए चल रहे थे। कलेक्ट्रेट सर्किल पर युवा सड़क पर लेट गए और रास्ता राेक लिया। इस दाैरान सर्किल के दूसरी तरफ से वाहनाें काे निकाला गया। बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि झुंझुनूं जिला सैनिकाें का जिला है। जब भी देश पर संकट आया है, यहां के जवानाें ने अपनी जान की परवाह किए बगैर बहादुरी से उसका मुकाबला कर दुश्मनाें के मंसूबाें काे नाकाम किया है।

इसके बावजूद दो साल से जिले में सेना भर्ती रैली नहीं हाेने से युवाओं काे नुकसान हाे रहा है। इस अवसर पर एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष अंकित जाखड़, संदीप फाैजी, संदीप कुमार, सुमित त्रिलाेटिया, जितेंद्र, शिवा पांडे, विराट चाैधरी, वीरु शेखावत, भवंरलाल बगड़िया, कपिल यादव, याेगेश, दिग्विजय मौजूद थे।

प्रदर्शन के दाैरान बेहाेश हुआ युवक : सेना भर्ती रैली के दाैरान साेमवार दाेपहर काे कलेक्ट्रेट पर एक युवक बेहाेश हाे गया। उसे पुलिस जीप से बीडीके अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकाें के उपचार के बाद उसकी तबीयत में सुधार हुआ।

यह दो प्रमुख मांगें

1. जिले में दो साल से सेना भर्ती रैली नहीं की जा रही है। इसे जल्द से जल्द किया जाए।

2. ओवरएज हुए युवकों को दाे साल की छूट दी जाए। नेवी एयरफाेर्स सभी भर्तियाें में 50 प्रतिशत से अधिक अंकों वालों काे माैका दिया जाए।

झुंझुनूं में नवंबर 2019 में हुई थी आखिरी सेना भर्ती रैली
झुंझुनूं में नवंबर 2019 में सेना भर्ती रैली हुई थी। तब रैली में 69 हजार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके बाद कोराेना की वजह से रैली नहीं हो सकी। जिसके कारण उन युवाओं को नुकसान हो रहा है जो उस वक्त 19 से 21 साल तक के थे। दूसरे मौके के लिए वे भी ओवरएज हो गए। इस बीच अजमेर में भर्ती हो चुकी।

खबरें और भी हैं...