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राहत की खबर:बीडीके में ऑक्सीजन के दाे प्लांट पहले से हैं, 4 और तैयार हुए, अब 510 सिलेंडर क्षमता हुई

झुंझुनूं20 दिन पहले
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बीडीके में नगर परिषद की ओर से तैयार कराया प्लांट। - Dainik Bhaskar
बीडीके में नगर परिषद की ओर से तैयार कराया प्लांट।
  • तीसरी लहर के लिए बीडीके अस्पताल के चार ऑक्सीजन प्लांट रिकाॅर्ड समय में हुए तैयार
  • 400 मरीजाें काे मिलेगी 94 फीसदी शुद्ध ऑक्सीजन

काेराेना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन किल्लत का सामना करने वाले जिले के लिए बड़ी राहत की खबर है। तीसरी लहर की संभावना काे देखते हुए बीडीके अस्पताल में रिकार्ड समय में चार नए ऑक्सीजन प्लांट तैयार हाे चुके हैं। इनकी टेस्टिंग का काम भी पूरा हाेने के बाद अब ये मरीजाें काे ऑक्सीजन सप्लाई दे सकेंगे।

दूसरी ओर मरीजाें काे ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन का काम भी पूरा हाे गया है। इसके बाद एडमिट मरीजाें काे उनके बेड पर ही ऑक्सीजन मिलेगी और उनकाे सिलेंडर लेकर आने की काेई जरूरत नहीं हाेगी। चार नए प्लांट का काम पूरा हाे जाने के बाद जिला अस्पताल बीडीके में छह ऑक्सीजन प्लांट बन चुके हैं। इनसे हर दिन 510 ऑक्सीजन सिलेंडर का उत्पादन हाेगा।

नगर परिषद के दाे नए प्लांट तैयार, इनमें शुद्धता 94 फीसदी आई
नगर परिषद और विधायक काेटे की मदद से बीडीके अस्पताल में दाे ऑक्सीजन प्लांट बनाए गए हैं। इनमें एक प्लांट 100 और दूसरा 50 सिलेंडर क्षमता के हैं। इनका काम पूरा हाेने के बाद इनकी टेस्टिंग का काम भी पूरा हाे गया है। इन दाेनाे प्लांट से तैयार हाेने वाली ऑक्सीजन की शुद्धता 94 प्रतिशत है। जाे काफी अच्छी क्वालिटी की ऑक्सीजन है। इसके साथ ही नगर परिषद की ओर से अस्पताल मेें 150 बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन लगवाने का काम भी पूरा हाे गया है।

एनएचएम के दाे प्लांट तैयार, हर दिन 100 सिलेंडर जितनी ऑक्सीजन मिलेगी
नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत बीडीके अस्पताल में दाे ऑक्सीजन प्लांट बनाए जा चुके हैं। इनमें 35 सिलेंडर क्षमता का एक प्लांट पहली लहर में तैयार किया गया था। इसके कारण से दूसरी लहर में मरीजाें काे उसकी मदद से ऑक्सीजन दी गई थी।

अब 65 सिलेंडर कैपिसिटी का दूसरा प्लांट भी तैयार हाे गया है। जिसकी टेस्टिंग और प्यूरिटी की जांच का काम पूरा चुका है और ऑक्सीजन शुद्धता की रिपाेर्ट अभी आनी है। इससे अस्पताल में रोगियों को ऑक्सीजन मिलने में सहूलियत होगी।

डीआरडीओ का सबसे बड़ा प्लांट तैयार 250 सिलेंडर ऑक्सीजन मिलेगी
डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानि डीआरडीओ की और से जिले में मंजूर किया गया ऑक्सीजन प्लांट भी तैयार हाे चुका है और इसमें मशीनें व उपकरण भी लगा दिए गए हैं। इनकी टेस्टिंग का काम इसी हफ्ते शुरू हाेगा।

ये अब तक का जिले का सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट है। इससे हर दिन 250 सिलेंडर जितनी ऑक्सीजन का उत्पादन हाेगा। इस प्लांट से ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल हाे जाने की बात कही जा रही है। जिसका टेस्टिंग के बाद पता लगेगा।

सुविधा : 300 बेड हैं, जरूरत पड़ने पर आपातकाल में 100 बेड बढ़ाए जा सकेंगे, ऑक्सीजन मिलेगी
बीडीके अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के बन जाने के साथ ही काेराेना की तीसरी लहर काे लेकर कई और सुविधाएं भी मिल गई हैं। बीडीके अस्पताल में 300 बेड की क्षमता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसमें 100 बेड बढ़ाए जा सकेंगे।

आवश्यकता हाेने पर बढ़ाए गए बेड पर ऑक्सीजन भी मिल सकेगी। अस्पताल में 400 ऑक्सीजन पाइंट बनाए जा चुके हैं। वहीं बच्चाें के तीसरी लहर में ज्यादा प्रभावित हाेने के नजरिए काे देखते हुए एयर ऑक्सीजन के 30, सेक्शन यानि वैक्यूम के 200 और नाइटाेक्साइड के 25 पाइंट भी बनाएं गए हैं।

तय समय पर काम पूरा किया, सप्लाई लाइन भी
हमनें निर्धारित समय में ऑक्सीजन प्लांट का काम पूरा कर दिया और अस्पताल में सप्लाई लाइन भी तैयार हाे चुकी हैं। दाेनाें ऑक्सीजन प्लांट की जांच में 94 फीसदी शुद्धता की ऑक्सीजन मिली है। जाे जिले के लिए बड़ी राहत है।
-अनिता खीचड़, आयुक्त नगरपरिषद

1000 किलाेवाट लाेड बढ़ा, दाे ट्रांसफार्मर भी लगाए
छह ऑक्सीजन प्लांट का सिविल वर्क मशीनाें काे इंस्टाॅल कर चुके हैं। इनकी टेस्टिंग का काम हाे चुका है। ऑक्सीजन प्लांटाें के लिए 7 लाख रुपए खर्च कर 1000 किलाेवाट लाेड बढ़ा दिया। दाे ट्रांसफार्मर भी नए लगेंगे।
डाॅ. वीडी बाजिया, पीएमओ बीडीके

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