वाइल्ड लाइफ:बीड़ में बीकानेर व तालछापर से आएंगे काले हिरण व चिंकारा, विभाग ने मांगी अनुमति

झुंझुनूं15 दिन पहले
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  • जिले में बढ़ा पैंथर का कुनबा, बांसियाल क्षेत्र में 12, शाकंभरी क्षेत्र में छह तो मंशा माता की पहाड़ियों में है चार से ज्यादा पैंथर हुए

वन्य जीवों की सुरक्षा, संरक्षण के लिए वाइल्ड लाइफ वीक मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में भी वन्य जीवों की सुरक्षा व संरक्षण को बढ़ावा देने की कवायद की गई है। झुंझुनूं के निकट बीड़ को शाकाहारी वन्य जीवों के संरक्षण व प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। यहां काला हिरण व चिंकारा लाने की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही यहां बीकानेर व तालछापर से 100 काले हिरण व 100 चिंकारा लाए जाएंगे।

इसके लिए उप वन संरक्षक कार्यालय से प्रधान उप वन संरक्षक व मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जयपुर को पत्र लिखा गया है। बीड क्षेत्र काला हिरण व चिंकारा के लिए काफी अनुकूल है। यहां शाकाहारी वन्य जीवों की सुरक्षा व संरक्षण कार्य किया गया है। वन्य जीव गणना 2020 के अनुसार यहां जंगली बिल्ली, मरु लोमड़ी, नीलगाय, लोमड़ी व काला तीतर के साथ विभिन्न प्रजातियों के पक्षी व सांप भी हैं। यह क्षेत्र शहर के नजदीक होने व राष्ट्रीय राजमार्ग 11 पर होने से इसे प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रुप में भी विकसित किया जा सकता है।

राज्य सरकार ने 2012 में की थी घोषणा, 100 काले हिरण व इतने ही चिंकारा लाएंगे

शहर के लगते बगड़ रोड़ स्थित बीड़ के 1047.48 हैक्टेर क्षेत्रफल को राज्य सरकार ने मार्च 2012 में वन्य जीवों के संरक्षण व सुरक्षा के लिए कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित किया था। इस क्षेत्र में प्राकृतिक जाल क पेड़ व धामण घास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वन्य जीवों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए तलाई, नालिया, वॉटर हॉल का निर्माण करने के साथ ग्रासलैंड विकसित गई। चारा देने वाली प्रजातियों का पौधरोपण किया गया। सड़क के किनारे पौधे लगाने के साथ औषधीय नर्सरी विकसित की गई। पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जा रही है। वन्य जीवों की सुरक्षा व संरक्षण करने के लिए यहां वर्ष 2019-20 से 2028-29 तक के लिए 27.53 करोड़ रुपए की स्वीकृत दी गई थी। बीड क्षेत्र में पुराना जोहड़ का जीर्णोद्धार कर वर्षा का पानी एकत्रित किया जाएगा। यहां पानी की व्यवस्था के लिए 12 तलाई, तीन गजलर, पांच टांका व 15 वाटर हॉल का निर्माण हो चुका है।

दो साल में तीन गुणा से ज्यादा बढ़ा पैंथर का कुनबा : मांसाहारी वन्यजीवों को भी जिले में बने कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र रास आ रहे हैं। यहीं कारण है कि डेढ़ साल के दौरान जिले में पैंथर के कुनबे में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2020 की वन्य जीव गणना के दौरान जिले में छह पैंथर दिखाई दिए थे। इस दौरान खेतड़ी के बांसियाल क्षेत्र में चार व उदयपुरवाटी क्षेत्र में दो पैंथर थे, लेकिन एक वर्ष बाद ही इनकी संख्या बढ़कर 22 हो गई है। इस दौरान खेतड़ी क्षेत्र में पैंथर की संख्या 12 तथा उदयपुरवाटी क्षेत्र में 10 हो गई है।

जल्द मिलेगी अनुमति
बीड वन्य जीव कंजर्वेशन रिजर्व में बीकानेर व ताल छापर से 100 काले हिरण व चिंकारा को भेजने व रेस्क्यू के दौरान पकड़े जाने वाले काले हिरण व चिंकारा को छोड़ा जा सकता है। यहां वन्य जीव की सुरक्षा व संरक्षण की उपयुक्त व्यवस्था है। इसके लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जयपुर को पत्र लिखा है। जिसके लिए जल्द ही अनुमति प्राप्त हो जाएगी। - राजेंद्र कुमार हुड्‌डा, उप वन संरक्षक झुंझुनूूं

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