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रेत के समंदर में 24 घंटे जल:दो साल पहले टूटा मलसीसर डेम वापस बनकर तैयार, 30 जनवरी से भरा जाएगा पानी

झुंझुनूं6 महीने पहले
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रेतीले धोरों की धरती शेखावाटी में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की कल्पना करना भी कुछ समय पहले तक असंभव सा लगता था, लेकिन 2021 की शुरुआत इस उम्मीद को पूरा करने जा रही है। इसके लिए कुंभाराम लिफ्ट परियोजना के तहत मलसीसर में बना बांध दो साल पहले टूटने के बाद अब वापस बनकर तैयार हो गया है और 30 जनवरी से इसमें पानी की टेस्टिंग शुरू होने जा रही है।

सब कुछ क्लीयर होने के बाद इससे जल्द ही झुंझुनूं शहर समेत आसपास के क्षत्र को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की जाएगी। कुंभाराम परियोजना के प्रोजेक्ट हैड बी प्रसाद बताते हैं कि हम अगले महीने मुख्य डेम से जलापूर्ति शुरू कर देंगे। मलसीसर में दो डेम बने हैं। एक रिजर्व डेम और दूसरा मुख्य डेम। मुख्य डेम दो साल पहले पानी भरने के बाद टूट गया था। तब आपूर्ति बाधित हो गई थी। अब यह बनकर तैयार है। हाल फिलहाल यहां बने रिजर्व डेम से जलापूर्ति हो रही है। जनवरी से टेस्टिंग शुरू हो जाएगी।

हिमालय का पानी : भाखड़ा नांगल बांध से मलसीसर तक आ रहा
बांध के भरने के बाद झुंझुनूंवासियों को पीने के लिए हिमालय से निकलने वाली सतलज नदी का पानी मिल सकेगा। दरअसल, इस नदी के पानी को भाखड़ा नांगल बांध में रोका जाता है। बांध से इंदिरा गांधी नहर की कैनाल के जरिए पानी चूरू जिले के तारानगर पहुंचता है। वहां से इसे पंप कर पाइपाें के जरिए राजगढ़ लाया जाता है। जहां एक रिजर्व डेम में इसकाे स्टाेर करने के बाद दुबारा लिफ्ट कर मलसीसर डेम तक लाया जाता है।

30 जनवरी से रोजाना एक फीट भरेंगे पानी
मुख्य डेम में 30 जनवरी से पानी भरने का काम शुरू हो जाएगा। इसमें हर दिन 1 फीट पानी भरा जाएगा। 15 दिन में इसमें 15 फीट पानी भरने का काम होगा। प्राेजेक्ट के दाे भाग फिल्टर और वितरण है। इसमें पहले हिस्से में कैनाल से मलसीसर तक पानी लाने और उसे फिल्टर कर झुंझुनूं तक पहुंचाने का काम है।

पहली बार भरने पर टूट गया था
परियोजना के तहत 2018 में मलसीसर में दो डेम मुख्य डेम व रिजर्व डेम बनकर तैयार हो गए थे। 31 मार्च को इनमें से मुख्य डेम में रिसाव हो गया और वह टूट गया था। बांध टूट जाने से इसमें भरा 4790 एमएलडी पानी बह गया था।

ऐसे बने हैं यहां दो डेम

मुख्य डेम : 3 किमी लंबाई, चौड़ाई व 9.50 मीटर ऊंचा है। इसकी क्षमता 4790 मिली. है। इससे पानी फिल्टर प्लांट में जाता है। हर समय इसमें 15 फीट पानी भरा रहेगा।

रिजर्व डेम : मुख्य डेम के पास रिजर्व डेम बना है, उससे छोटा है। इसकी 2 किमी लंबाई व चौड़ाई व ऊंचाई 9.5 मी. है। भराव क्षमता 1510 एमएलडी है। डेम से पानी की सप्लाई की जा रही है।

यह भी जानिए

  • 2013 में कुंभाराम लिफ्ट परियोजना के तहत शुरू हुआ था मलसीसर डेम बनाने का काम
  • 900 करोड़ का प्रोजेक्ट है, इनमें से अभी तक 588 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं
  • 40 मिलीयन लीटर पानी फिल्टर होता है रोजाना मलसीसर में बने डेम में
  • 52 किमी लाइन डाली है तारानगर से मलसीसर तक पानी लाने के लिए
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