प्रदर्शन:ठेकेदार सरकारी गोदाम के सामने धरने पर बैठे, मांगें पूरी होने पर ही माल उठाएंगे

चिड़ावा4 महीने पहले
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चिड़ावा. देशी मदिरा गोदाम पर धरना देकर बैठे शराब ठेकेदार। - Dainik Bhaskar
चिड़ावा. देशी मदिरा गोदाम पर धरना देकर बैठे शराब ठेकेदार।

क्षेत्र के शराब ठेकेदारों ने शनिवार से स्टेशन रोड स्थित सरकारी गोदाम के सामने चार सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इससे पहले उन्होंने यहां शुक्रवार को सांकेतिक धरना देकर सरकार और विभाग को ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों से भी अवगत करवाया। मांगे पूरी नही होने पर शराब यूनियन के पूर्व घोषित आंदोलन के तहत ठेकेदारों ने माल नही उठाकर धरना शुरू कर दिया।

ठेकेदारों ने सरकार की शराब नीति के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कोविड के कारण आई व्यावसायिक मंदी से प्रभावित शराब कारोबार को उबारने के लिए गारंटी की बाध्यता खत्म करने, कंपोजिट फीस वापस लौटाने, आरएमएल के नाम पर जबरन दी जाने वाली शराब की पाबंदी हटाने और प्रथम तिमाही में अधिक उठाई गई मदिरा का वर्तमान तिमाही में समायोजन करवाने की मांग दोहराई।

धरने पर यूनियन के सोमवीर धतरवाला, उमेश डूडी, अमरसिंह, जयसिंह बराला, अनुराग ओला, वीरसिंह पूनिया, सोमवीर धींधवा, सतीश, देवेंद्र, सुशील-सुरेश डांगी, शंकरलाल, विक्रम, चंद्रप्रकाश, मनोज धींवा, राजकुमार स्वामी, संजय रणवा, मनोज मेहरा, रतन धनखड़, मनोज काजला सहित अन्य कारोबारी मौजूद रहे। शुक्रवार को यूनियन अध्यक्ष विजेंद्र मील की अगुवाई में अनुराग ओला, पंकज धनखड़, उमेश डूडी, राकेश अरडावता, मनोज कटेवा, नरेश सारी, मनोज किठाना, सुरेश व अशोक ओजटू, शंकरलाल श्योपुरा, ओमप्रकाश, जयसिंह बराला, विक्रम लमोरिया, मनोज महपालवास, प्रवीण सूरजगढ, रोहिताश काकोडा, सोमवीर, मनोज भुकाना, रतनसिंह, सुरेंद्र, नीतिराज धरने पर बैठे।

खेतड़ी व बुहाना के शराब ठेकेदारों ने माल का उठाव बंद किया, बोले- जारी रहेगा धरना

खेतड़ी नगर, खेतड़ी व बुहाना के शराब ठेकेदारों ने संयुक्त रूप से गारंटी की बाध्यता समाप्त करने, कंपोजिट फीस न लिए जाने की मांग को लेकर शनिवार से शराब का उठाव बंद कर नानूवाली बावड़ी स्थित देशी शराब गोदाम के सामने अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। ठेकेदार चिरंजीलाल व सुदेश ढाका ने बताया कि कोरोना महामारी व आर्थिक मंदी के कारण शराब ठेकों में 10 प्रतिशत शराब का भी उठाव नहीं हो पा रहा है।

हर महीने शराब ठेके पर करीब पांच लाख रुपए से अधिक का हर ठेकेदार को नुकसान हो रहा है जिसके कारण अधिकतर शराब ठेकेदार कर्ज में डूब चुके हैं फिर भी सरकार गारंटी की बाध्यता लागू कर रखी है जबकि नई शराब नीति में नीलामी बोली होने के कारण कंपोजिट फीस का कोई औचित्य नहीं बनता। शराब ठेकेदारों ने बताया जबतक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक शराब का उठाव नहीं करेंगे साथ ही अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे रहेंगे। इस मौके पर धुङाराम, पिंटू, अमीलाल, उमराव, सीताराम, सुनील, हनुमान सिंह, ओम प्रकाश सहित खेतड़ी व बुहाना के अनेक ठेकेदार धरने में शामिल हुए।

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