सीएमएचओ को नोटिस:अस्पताल में प्रसूता की माैत मामले में नर्स के निलंबन पर काेर्ट ने लगाई राेक

झुंझुनूं6 महीने पहले
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मामले की सुनवाई कर रही अधिकरण ने मामले के तथ्यों, परिस्थितियों तथा प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन किया। - Dainik Bhaskar
मामले की सुनवाई कर रही अधिकरण ने मामले के तथ्यों, परिस्थितियों तथा प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन किया।

राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण जयपुर ने जिले के चिड़ावा स्थित एक निजी अस्पताल से जुड़े प्रसूता की मौत के मामले में निलंबित की गई नर्स की बहाली के आदेश जारी कर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मामले के अनुसार चिड़ावा के निजी पारस अस्पताल में इलाज के दाैरान प्रसूता की बिगड़ी हालत में छुट्टी दिए जाने के बाद जयपुर में मृत्यु हो जाने पर परिजनों के अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध प्रदर्शन करने के चलते बिगड़े हालात में जिला प्रशासन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगड़ में नर्स द्वितीय पद पर कार्यरत मंजू बेनीवाल को निलंबित कर दिया था।

प्रसूता के परिजनों ने इस अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने व नर्स मंजू बेनीवाल पर गंभीर आरोप लगाए। इस पर नर्स मंजू बेनीवाल ने एडवोकेट संजय महला के जरिए अपील दायर कर सीएमएचओ झुंझुनूं के 10 सितंबर के निलंबन आदेश को चुनौती दी। जिसमें निलंबन काल में मुख्यालय नवलगढ़ किया गया।

बहस में एडवोकेट संजय महला ने दलील दी कि सीएमएचओ झुंझुनूं का आदेश नियम विरुद्ध है। प्रकरण की जांच रिपोर्ट संदेहास्पद, तथ्यों से परे व मनमानी है। जिसमें दोषपूर्ण जांच करने वालो के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपीलार्थी बगड़ पदस्थापित है तथा प्रसूता की मृत्यु जयपुर में 10 दिन बाद हुई है।

किसी प्रकार की इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई। लगाए गए आरोप झूठे व बेबुनियाद है। मामले की सुनवाई कर रही अधिकरण ने मामले के तथ्यों, परिस्थितियों तथा प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन के बाद निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए नर्स मंजू बेनीवाल का पदस्थापन यथावत बगड़ रखे जाने के आदेश जारी कर प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, निदेशक व अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं सीएमएचओ झुंझुनूं को नोटिस जारी कर आगामी सुनवाई तक जवाब मांगा है।

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