यह संकट कैसे दूर होगा:संकट- बिजली की डिमांड 75 लाख यूनिट, मिल रही 56 लाख, चिंता- 20 दिन में त्योहार के कारण और बढ़ेगी डिमांड

झुंझुनूं2 महीने पहले
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  • अभी 20 लाख यूनिट की कमी, डिस्कॉम ने कहा- आपूर्ति बढ़ाने की कर रहे कोशिश

कोयले की कमी के कारण देशभर में कई जगह छाया बिजली का संकट जिले में भी बड़ी चिंता का कारण बनता जा रहा है। यहां डिमांड के मुताबिक अभी करीब 20 लाख यूनिट कम मिल रही है। इस समय जिले में बिजली की डिमांड 75 लाख यूनिट प्रतिदिन होती है जबकि 55 लाख यूनिट ही मिल रही है। इसमें डिस्कॉम के लिए थोड़ी सी राहत की बात यह है कि रात को अचानक सर्दी बढ़ने से कूलर, पंखे और एसी का उपयोग कम हो गया। इससे खपत में कमी आई है। लेकिन यही हालात रहे तो अगले 20 दिन और फिर उसके बाद बिजली का बड़ा संकट खड़ा होगा।

दरअसल, त्योहारी सीजन के कारण अब दुकानें भी देर तक खुलेंगी। दीपावली पर वैसे भी बिजली की खपत ज्यादा होती है और फिर इसके बाद सिंचाई के लिए किसानों को बिजली की जरूरत होगी। इधर, बिजली संकट का सामना करने के लिए डिस्कॉम ने शहरों में एक से दाे घंटे जबकि गांवाें में छह घंटे बिजली कटाैती की घाेषणा की है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। गांवाें में 15 से 18 घंटे बिजली कटौती की जा रही है और शहरों में चार से पांच घंटे बिजली बंद है।

इसलिए चिंता : अभी रोजाना 50 लाख यूनिट से भी कम आपूर्ति

जिले में बिजली की 75 लाख यूनिट की मांग है, लेकिन फिलहाल पिछले एक सप्ताह में 43 से 56 लाख यूनिट के बीच राेजाना बिजली मिल रही है। बीते सप्ताह में तीन दिन ऐसे गए हैं जब जिले को प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से भी कम आपूर्ति हुई। एक महीने पहले तक जिले में बिजली की डिमांड 85 लाख यूनिट राेजाना पहुंच गई थी। लेकिन अब शाम के समय ठंडक रहने से बिजली की खपत में औसतन 10 लाख यूनिट की कमी आई है। इसके बावजूद बिजली संकट बना हुआ है।

गांवों में सबसे बड़ी परेशानी जहां 15 से 18 घंटे कटौती
जिले के गांवों में 15 से 18 घंटे कटौती हो रही है। जिसका सीधा असर यहां के छोटे छोटे उद्योगों और आमजन जीवन पर पड़ रहा है। गांवों में शाम काे छह बजे कुछ समय बिजली आती है और फिर वापस काट ली जाती है। इसके बाद रात साढे़ नाै बजे एक बार बिजली आती है। थोड़ी बाद वापस कटौती हो जाती है।

आगे क्या : दीपावली और सिंचाई के कारण नवंबर में बढ़ेगा संकट

  • अगले 20 दिन त्योहारों के हैं। दीपावली पर राेशनी का विशेष महत्व है। ऐसे में बिजली की डिमांड बढ़ेगी। यह प्रतिदिन 80 लाख यूनिट से भी ऊपर जा सकता है।
  • दीपावली के बाद खेतों में सिंचाई की जरूरत होगी। इस वक्त किसान रबी की बुवाई के लिए पलाव शुरू कर देते हैं। इस कारण टयूवबैल चलाने के लिए बिजली की जरूरत होगी। जिले में करीब 60 हजार कृषि कुएं हैं।

बीते सप्ताह जिले को मिली बिजली

7 अक्टूबर 43 लाख यूनिट 8 अक्टूबर 45 लाख यूनिट 9 अक्टूबर 49 लाख यूनिट 10 अक्टूबर 55 लाख यूनिट 11 अक्टूबर 55 लाख यूनिट 12 अक्टूबर 56 लाख यूनिट 13 अक्टूबर 56 लाख यूनिट

लाेगाें काे पर्याप्त मात्रा में बिजली सप्लाई मिल सके। इसके लिए उच्चाधिकारियाें से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। जिले में कम से कम 60 लाख यूनिट राेजाना बिजली मिले इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। -राजेंद्र सिंह शेखावत, एसई डिस्काॅम

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