ग्रामीणों की सभा:अडूका बणी की गोचर भूमि के लिए संघर्ष समिति बनाकर आंदोलन चलाने का निर्णय

चिड़ावा2 महीने पहले
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चिड़ावा. अडूका में हुई ग्रामीणों की सभा को संबोधित करते सैनी समाज के जिलाध्यक्ष राजेश सैनी। - Dainik Bhaskar
चिड़ावा. अडूका में हुई ग्रामीणों की सभा को संबोधित करते सैनी समाज के जिलाध्यक्ष राजेश सैनी।
  • अड़ूका में चार गांवों के ग्रामीणों की सभा हुई, सूरजगढ़ प्रशासन की कार्रवाई को बताया एकतरफा

अडूका पंचायत की बणी में शनिवार दोपहर ग्रामीणों की सभा हुई। जिसमें अडूका, डालमिया की ढाणी, लाखू और डांगर पंचायत के गांवों के महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। गुरुवार को खातेदार के मुख्त्यार (पावर ऑफ अटॉर्नी लेने वाले) की मांग पर सूरजगढ़ तहसील प्रशासन द्वारा बणी में 118 बीघा जमीन पर पत्थर गड्डी करवाने के विरोध में ये सभा हुई। जिसकी अध्यक्षता अडूका सरपंच शीशराम मेघवाल ने की।

सभा मे मौजूद समाज संगठनों के पदाधिकारियों और नेताओं ने चिड़ावा-सिंघाना बाइपास सड़क के दोनों तरफ करोड़ों रुपए की जमीन के लिए प्रशासन पर मिलीभगत करके पत्थर गड्डी की आड़ में समतलीकरण करवाने के आरोप लगाए। उन्होंने बणी की जमीन रियासतकाल से नजदीकी गांवों के पशुओं का चारागाह होने और 1983 में भी इस पर कब्जे के प्रयास को रोकने के लिए एक ग्रामीण रणजीत गुर्जर की जान जाने की बात कही कहते हुए प्रशासन की कार्यवाही को एकतरफा बताया।

संघर्ष समिति गठित करेंगे : शनिवार को अडूका की बणी में हुई सभा मे मौजूद लोगों ने चारागाह की जमीन बचाने के लिए संघर्ष समिति गठित कर आंदोलन चलाने का निर्णय लिया। जिसमे नजदीकी पंचायतों के लोगों को शामिल करके जिलाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से मिलने व न्यायिक कार्यवाही करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

करीब तीन घण्टे चली सभा को सैनी समाज के जिलाध्यक्ष राजेश सैनी, नंदलाल मेघवाल, देवसेना के रोहिताशसिंह, धर्मपाल, रणवीर गुर्जर, शीशराम, विजयसिंह चौहान, अमीलाल, सांवरमल, राजकुमार, लीलाधर, दानाराम, महिपाल, भरतसिंह सहित अन्य लोगों ने विचार रखे। सभा मे सुनिल डांगी, दयाराम चौधरी, नौरंगलाल, हजारीलाल गुर्जर, लीलाराम नायक, भगवानाराम, सांवरमल, मनोहर, छाजूराम, रामनिवास नायक, ओमप्रकाश नायक, अर्जुन बंजारा, महिपाल चौहान आदि मौजूद रहे।

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