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जेब पर मार:डीजल 36% तो माल ढुलाई 20% बढ़ी, घर का किराना 30% तक महंगा

झुंझुनूं19 दिन पहले
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  • एक साल के भीतर खाद्यान्न और तेल के दाम 74 प्रतिशत बढ़े

कोरोना संक्रमण की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में खाद्यान्न और तेलों के दाम 63% तक बढ़ गए हैं। कोरोना महामारी के इलाज में आ रहे भारी भरकम खर्च के बोझ में दबे आम आदमी के लिए यह महंगाई मुश्किलें बढ़ा रही है। लोगों के किराना के मासिक बजट एक साल में 25-30% का इजाफा हो चुका है।

खाद्यान्न व्यापार से जुड़े व्यापारियों का विदेशों से आयातित खाद्य तेलों को छोड़ दें तो बाकी खाद्यान्न डीजल के दाम बढ़ने से महंगे हो रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों ने 1 जून 2020 के बाद से अब तक डीजल के दाम 36.72% महंगे किए। 1 लीटर डीजल एक साल पहले महज 69.27 रु. में मिल रहा था, जिसके अभी 95.20 रु. देने पड़ रहे हैं।

व्यापारियोंं का कहना है कि डीजल के दाम के साथ माल ढुलाई भी बढ़ी। केवल इसी वजह से औसतन हर खाद्यान्न 4 से 5 रुपए किलो महंगा हो गया। बाहर से आने वाली दालों पर इसका ज्यादा असर रहा। दक्षिणी राज्यों से आने वाले सूखे मेवे और गुजरात से आने वाले फलीदाना भी सिर्फ माल ढुलाई बढ़ने से महंगी हुई।

जनवरी में सरसों तेल के 140 रु. भाव थे, अब 170 रु./लीटर

इस्लामपुर, लॉकडाउन में आम आदमी के लिए घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। महंगाई की मार कोढ़ में खाज का काम कर रही है। महंगाई की मार से पेट्रोल-डीजल ही नहीं अपितु खाद्य तेल भी अछूता नहीं रहा है। रसोई में काम आने वाले सरसों के तेल में दिनोंदिन हो रही बढ़ोतरी से महिलाओं के लिए दाल में तड़का लगाना मुश्किल हो गया है। इन दिनों जहां पेट्रोल सौ रुपए के पार चला गया है।

वहीं सरसों के तेल में भी उछाल आ गया है। देखते ही देखते सरसों के तेल के भाव भी लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। व्यापारी पवन सुद्राणिया व राजेश जानू ने बताया कि मार्च के अंतिम सप्ताह से 15 अप्रेल तक सरसों के तेल के भाव लगभग सामान्य रहे। 15 अप्रेल के बाद बढ़ोतरी शुरू हुई जो आज तक जारी है।

जनवरी में 140 रुपए प्रति लीटर, फरवरी में 140 से 145 रुपए लीटर, मार्च में 145 और अंतिम सप्ताह में लगभग 150 रुपए लीटर, 15 अप्रेल के बाद 155 रुपए लीटर, मई में सरसों तेल के भाव 170 रुपए प्रति लीटर हो गए।

डीजल के दाम बढ़ने से बाजार से जुड़े सभी लोग फायदा उठाते हैं
बाजार में खाद्यान्न व तेल की कमी नहीं है। सरकार टीसीएस टैक्स के नाम पर 20 प्रतिशत की वसूली कर रही है। इसके अलावा लगातार बढ़ रहे डीजल व माल ढुलाई की दर में बढ़ोतरी से भी बाजार में खाद्यान्न व तेल के भाव बढ़ रहे है।-आनंद टीबड़ा, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ, झुंझुनूं

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