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विरोध प्रदर्शन:किसान संगठनाें ने जलाई कृषि अध्यादेशों की प्रतियां, बोले-वापस लें

झुंझुनूं8 महीने पहले
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कृषि संबंधी अध्यादेशाें के विराेध में आंदाेलनरत किसान संगठनाें की ओर से बुधवार काे कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कृषि संबंधी विधेयकों की प्रतियां जलाई गई। दाेपहर में किसान व मजदूर संगठन के प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि व श्रमिक संबंधी विधेयकाें की प्रतियां जला कर विराेध किया गया।

इस अवसर पर किसान सभा के मदन यादव ने कहा कि माेदी सरकार किसान व मजदूर विराेधी है। पूंजीपतियाें काे फायदा पहुंचाने के लिए कृषि संबंधी अध्यादेश लाया गया है। इससे किसानाें का शाेषण हाेगा। किसान की पैदावार पर कंपनियाें का कब्जा हाेगा। शहीद भगत सिंह विचार मंच के संयाेजक एडवाेकेट बजरंग लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री माेदी की

नीतियां किसान व मजदूर विराेधी है। माेदी सरकार की ओर से लाए गए कृषि व श्रमिक विधेयक से बहुराष्ट्रीय कंपनियाें काे फायदा हाेगा। किसान की उपज के भाव कंपनियां तय करेगी। इन कानूनों से कृषि क्षेत्र पूरी तरह से कारपोरेट घरानों के चंगुल में आ जाएगा। छोटे और मध्यम वर्ग के किसान बर्बाद हाे जाएंगे। कृषि पर निर्भर देश की ग्रामीण क्षेत्र में रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। किसानों ने कहा है कि यदि कृषि अध्यादेश वापस नहीं लिए गए तो किसानों को मजबूरन उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
किसान मजदूर एकता मंच के फूलचंद बुडानिया, शेखावाटी किसान मंच के पोकर सिंह झाझड़िया, स्वराज अभियान के कैलाश यादव, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभकरण महला, राष्ट्रवादी कांग्रेस के कैप्टन मोहनलाल, नरेंद्र यादव, बचन सिंह मीणा, सहदेव कस्वा मौजूद थे।

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