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किसान महापंचायत:किसानों ने आंदोलन जारी रखने और कल शाहजहांपुर बॉर्डर पर पहुंचने का लिया संकल्प

खेतड़ी नगर22 दिन पहले
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खेतड़ी नगर. लोयल में किसान महापंचायत में एकजुट होकर आंदोलन को तेज करने का आह्वान करते किसान नेता। - Dainik Bhaskar
खेतड़ी नगर. लोयल में किसान महापंचायत में एकजुट होकर आंदोलन को तेज करने का आह्वान करते किसान नेता।
  • राष्ट्रीय किसान नेता बोले-केंद्र सरकार पूंजीपतियों को फायदा देने के लिए कृषि कानून लेकर आई है, जानबूझकर किसानों की कर रहे हैं अनदेखी

लोयल में मंगलवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। पूर्व प्रधान बजरंगसिंह चारावास, मोहरसिंह काजला, लोयल सरपंच महेंद्रसिंह काजला की अध्यक्षता में हुई महापंचायत में किसानों ने मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रखने और 15 जुलाई को शाहजहांपुर बॉर्डर पर चलने का निर्णय लिया।

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीनों कृषि कानूनों को निरस्त नहीं करते, एमएसपी को कानूनी गारंटी नहीं दे देते आंदोलन जारी रखना चाहिए। इन्होंने बिजली सुधार विधेयक 2020 वापस लेने, शाहजहांपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों को मजबूती देने व किसानों को मुफ्त बिजली देने की मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मोदी गद्दी छोड़ो या कानून वापस लो का दिया नारा

'इस दौरान पंजाब किसान यूनियन टिकरी बॉर्डर के मंच संचालन समिति के सदस्य जसबीर कौर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व विधायक अमराराम, महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा, पंजाब किान यूनियन के प्रांतीय महासचिव गुरूनामसिंह, महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फूलचंद ढेवा, महासभा के राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र कुल्हरी, जय किसान आंदोलन के प्रांतीय महासचिव कैलाश यादव, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश चारावास, महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश झारोड़ा, जिला उपाध्यक्ष इंद्राजसिंह चारावास, सुमेरसिंह, अखिल भारतीय नौजवान महासभा के जिला संयोजक रविंद्र पायल, बजरंग, विद्याधर, मूलचंद, मदनसिंह यादव, महेश पूनियां, शीशराम, हंशराज लांबा, रोहिताश हवलदार, शेखावाटी किसान मंच के सह संयोजक प्रहलादसिंह कुल्हरी ने संबोधित किया।

पुरूषोत्तम शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूंजीपतियों को फायदा देने के लिए किसानों पर नए कानून थोप रहे हैं। जिनकों केंद्र सरकार वापस नहीं ले रही है। किसानों के हितों को देखते हुए मोदी गद्दी छोड़ो या कानून वापस लो नारा लगाना होगा। पंजाब के गुरूनामसिंह ने कहा कि उन्होंने कहा कि जिस दिन पूंजीपतियों के पास जब खेती का काम चला जाएगा, उस दिन किसानों की थाली में भोजन नहीं पहुंच पाएगा। उन्होंने कहा हर चीज का उत्पादन किया जा सकता है लेकिन जमीन को नहीं बढाया जा सकता। किसान सात महीने से आंदोलन कर रहे हैं।

पंजाब से शुरू होकर पूरे देश में फैला आंदोलन

सभा के दौरान सभी वक्ताओं ने 15 जुलाई को शाहजहांपुर बॉर्डर पर जिले के सभी गांवों से दस-दस किसानों को भाग लेने की अपील की। महापंचायत में खेतड़ी, जसरापुर, चारावास, रसूलपुर, मानोता जाटन, बड़ाऊ, तातीजा, देवता, सिंघाना, बुहाना, सूरजगढ़, चिड़ावा जिले के कई गांवों से किसानों ने भाग लिया। संचालन रामचंद्र कुल्हरी ने किया। किसान आंदोलन की पहल पंजाब से हुई जो आज पूरे देश में किसान एक साथ होकर आंदोलन कर रहे हैं।

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