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परेशानी:जिला स्टेडियम में 8 साल पहले शुरू हाेनी थी जिम, मशीनें नहीं आने से 22.50 लाख रुपए के भवन पर लगा है ताला

झुंझुनूं9 दिन पहले
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झुंझुनूं. स्वर्ण जयंती स्टेडियम में जिम के लिए तैयार किया गया हॉल। - Dainik Bhaskar
झुंझुनूं. स्वर्ण जयंती स्टेडियम में जिम के लिए तैयार किया गया हॉल।
  • फायदा- जुलाई 2013 में किया गया था भवन का लाेकार्पण युवाओं को सेना भर्ती में फिट होने का मिलता मौका
  • नुकसान-हर दिन 350 खिलाड़ी प्रेक्टिस करने अाते हैं स्टेडियम लेकिन जिम के लिए खर्च करने पड़ते हैं 1500 रुपए

जिला मुख्यालय के जिला स्टेडियम में आठ साल पहले मल्टी जिम हाॅल शुरू हाे जाना चाहिए था। लेकिन मशीनाें व उपकरण का बजट नहीं आने से 22.50 लाख रुपए का भवन का काेई उपयाेग नहीं हाे पा रहा है। जिम शुरू नहीं हाेने से स्टेडियम में आने वाले 350 से ज्यादा खिलाड़ियाें काे मजबूरी में निजी जिम में जाकर प्रेक्टिस करनी पड़ रही है। मशीनाें और उपकरणाें के लिए खेल अधिकारी अब तक 30 से ज्यादा पत्र राजस्थान स्पाेटर्स काउंसिल काे भिजवा चुके लेकिन काउंसिल बजट जारी नहीं कर रही हैं।

स्वर्ण जयंती स्टेडियम में 2010-11 की बजट घाेषणा में मल्टी जिम के लिए राज्य सरकार ने बजट आवंटित किया था। इसके बाद राजस्थान स्पाेटर्स काउंसिल ने बजट मिलने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग काे कार्यकारी एजेंसी नियुक्त करते हुए मल्टी जिम हाॅल बनाने का जिम्मा साैंपा। इसके बाद वर्ष 2013 में पीडब्लूडी ने मल्टी जिम हाॅल का निर्माण पूरा कर इसे खेल विभाग काे साैंप दिया। इसके बाद खेल विभाग ने इसका लाेकापर्ण भी करा दिया। लेकिन मशीन और उपकरण नहीं आने से इस पर ताला लटका हुआ है।

जिला खेल अधिकारी मशीन और उपकरण के लिए अब तक 30 पत्र भेज चुके पर बजट नहीं मिला
स्वर्ण जयंती स्टेडियम में हर दिन 350 से ज्यादा खिलाड़ी सुबह शाम प्रेक्टिस करने आते है। इनमें 200 से ज्यादा युवक फाैज की भर्ती के लिए तैयारी करते है। लेकिन जिम में मशीने व उपकरण नहीं हाेने से खिलाड़ियाें और तैयारी कर रहे युवाओं काे मजबूरन निजी जिम में जाकर प्रेक्टिस करनी पड़ती है। जिसके लिए उनकाे हर महीने 1500 रुपए प्रति युवक चार्ज देना पड़ रहा है। वही जिम शुरू नहीं हाेने से स्टेडियम में मल्टी जिम हाॅल का काेई उपयाेग नहीं हाे पा रहा है और ना ही स्टेडियम काे आय हाे पा रही हैं।

अब तक 30 पत्र भेजने के बाद काेई सुनवाई नहीं : जिला खेल विभाग की ओर से राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद काे मल्टी जिम हाॅल के मशीनें और उपकरण भिजवाने के लिए कई बार प्रस्ताव भिजवाया जा चुका हैं। वही हर साल बजट से पहले मांगे जाने वाले प्रस्तावाें में भी जिम के लिए मशीन और उपकरण की डिमांड भेजी जा रही है। लेकिन आठ साल तक लगातार 30 से ज्यादा पत्र भेजने के बाद भी क्रीडा संस्थान ने अब तक जिम के लिए मशीन और उपकरण खरीद कर नहीं दिया हैं।

प्रदेश की वाॅलीबाॅल एकेडमी जिसके पास जिम नहीं है
राजस्थान क्रीडा संस्थान ने जिले में लड़काें के लिए वाॅलीबाॅल एकेडमी स्थापित कर रखी है। जाे 2013 से जिले में चल रही है। प्रदेश की 17 स्पाेटर्स एकेडमी में से अकेली जिले की एकेडमी है। जिसके पास खुद का जिम नहीं हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश की हर एकेडमी के लिए मल्टी जिम की सुविधा दे रखी है। लेकिन यहां चयनित खिलाड़ियाें काे निजी जिम में जाकर ही प्रेक्टिस करने काे मजबूर हाेना पड़ता हैं।

इनका कहना है
मशीन व उपकरण नहीं हाेने मल्टी जिम हाॅल काे शुरू नहीं कर पा रहे हैं। जिम के लिए भवन 2013 में ही बन कर तैयार हाे चुका हैं। इसके लिए कई बार पत्र भिजवा चुके हैं। बजट आने के बाद मशीने मिलते ही शुरू कर देंगे।
राजेश ओला, जिला खेल अधिकारी, झुंझुनूं

तत्कालीन राज्यमंत्री ने किया था लाेकार्पण
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय स्टेडियम में बने मल्टी जिम हाॅल का 17 जुलाई 2013 लाेकार्पण कराया गया था। तत्कालीन आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री बृजेन्द्र सिंह ओला ने इसका उद्‌घाटन किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता तत्कालीन जिला प्रमुख हनुमान प्रसाद ने की थी। इसका लाेकार्पण हाेने के बाद खेल विभाग ने सात महीने बजट आने का इंतजार किया। जब बजट नहीं आया ताे उसके जिला खेल अधिकारी ने स्पाेटर्स काउंसिल काे पत्र लिखकर बजट मांगना शुरू किया। लेकिन अब तक 30 से ज्यादा प्रस्ताव और पत्र भिजवाने के बाद भी सरकार की ओर से ना ताे मशीनाें के लिए बजट दिया गया और ना ही काउंसिल ने मशीने खरीद कर भिजवाई।

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