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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड:अर्द्धवार्षिक परीक्षा और टेस्ट नहीं देने वाले 10वीं के स्टूडेंट्स की फोन पर ली जाएगी परीक्षा, ऑनलाइन एग्जाम भी ले सकेंगे स्कूल

झुंझुनूंएक महीने पहले
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम को लेकर गुरुवार को स्कूल प्राचार्यों की ऑनलाइन वेबिनार ली। जिसमें उन्हें रिजल्ट तैयार करने की जानकारी दी गई। सीबीएसई के सिटी व जिला कोऑर्डिनेटर डॉ. रविशंकर शर्मा ने बताया कि 10वीं बोर्ड में कोरोना की वजह से कोई भी एग्जाम नहीं देने वाले विद्यार्थियों का साल बचाने के लिए स्कूलें उनका ऑनलाइन एग्जाम ले सकेगी।

ऑनलाइन एग्जाम की सुविधा नहीं होने पर रिजल्ट कमेटी ऐसे विद्यार्थियों का फोन पर ही टेस्ट लेकर परिणाम बना सकेंगी। डॉ. रवि शंकर शर्मा ने बताया कि वेबीनार में दसवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम टेस्ट, प्री बोर्ड, इंटरनल एसेसमेंट व हाफ इयरली के आधार पर तैयार होगा। इसमें इंटरनल एसेसमेंट के 20 टेस्ट के 10, प्री-बोर्ड के 40 तथा मिड टर्म एग्जाम के 30 फीसदी अंक जुड़ेंगे।

उन्होंने बताया कि सीबीएसई स्कूलों का परिणाम 3 साल के बेस्ट परिणामों का औसत होगा। सीबीएसई की वेबीनार में कैप्टन आलोक्य सेन, पवन वशिष्ठ एम कस्तूरी, रोहिताश डूडी, सुनील कुमार शर्मा समेत अन्य स्कूल प्राचार्य शामिल हुए।

मूल्यांकन पद्धति रद्द कर क्रमोन्नत करने व दसवीं का परीक्षा शुल्क लौटाने की मांग

निसा राजस्थान प्रांत प्रभारी डॉ. दिलीप मोदी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व सीबीएसई के सचिव को पत्र लिखकर दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की मूल्यांकन पद्धति रद्द कर सीधे क्रमोन्नत करने व दसवीं का परीक्षा शुल्क वापस लौटाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि दसवीं बोर्ड परीक्षा नहीं करवाने का निर्णय लिया जा चुका है। पिछले वर्ष दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क के नाम से 1650 रुपए लिए गए थे। यह धनराशि छात्रों को वापस लौटाई जाए।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परीक्षा नहीं करवाई जा रही तो विद्यार्थियों को सीधे क्रमोन्नत क्यों नहीं किया जा रहा। ऐसी स्थिति में शिक्षकों को मात्र 2500 रुपए मानदेय के लिए विद्यालय बुलाना दुखद है। दसवीं के विद्यार्थियों को एच्छिक विषयों के साथ कक्षा ग्यारहवीं में पदोन्नत किया जाए और मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को दी जाने वाली राशि पीएम केयर फंड में कोविड पीडितों की सहायता के लिए काम में ली जानी चाहिए।

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