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मांग:कोरोना संक्रमण से आइस्क्रीम कारोबार मंदा, रियायत की मांग

इस्लामपुर6 दिन पहले
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कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेशभर में लगे लॉकडाउन से सभी तरह का व्यापार प्रभावित हुआ है। तूफान ताऊ ते की नमी के कारण तापमान में लगातार गिरावट आई। नौ तपा भी अपना रौद्र रूप नहीं दिखा पाया जिसके चलते तापमान 45 डिग्री को भी पार नहीं कर सका। ऐसे में आइस्क्रीम कारोबार भी पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।

गर्मी की सुस्ती और बढ़ते कोरोना संक्रमण ने आइस्क्रीम कारोबार को लगातार दूसरे साल भी ठंडा कर दिया। इस साल कोरोना संक्रमण में हुई बढ़ोतरी से आइस्क्रीम कारोबार पिछले साल की तुलना में कुछ ज्यादा ही ठंडा रहा। कारोबारियों ने बताया कि अप्रेल में जैसे ही सीजन शुरू हुई संक्रमण बढऩे से सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया।

ऐसे में लोग आइस्क्रीम के ठेले नहीं लगा पाए। साथ ही विवाह, शादी समारोह और बर्थ-डे जैसे मांगलिक कार्य भी नहीं हुए। लॉकडाउन की बंदिशों के चलते आइसक्रीम का कारोबार लगभग 90 प्रतिशत चौपट हो गया है।

रियायत नहीं मिली तो ओर होगा नुकसान : दुकानदारों ने बताया कि बिजली और दुकानों का किराया चुकाना मुश्किल हो रहा है। यदि जल्द ही पूर्णरूप से लॉकडाउन नहीं खुला तो आइसक्रीम कारोबारियों को लगातार दूसरे साल भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्षेत्र में मटका कुल्फी की भी अच्छी डिमांड रहती है।

शाम के समय मटका कुल्फी के शौकीनों से बाजार आबाद रहता था लेकिन इस साल कोरोना के कारण बाजारों में सन्नाटा छाया हुआ है। वैसे तो लगभग सालभर ही आइस्क्रीम की डिमांड रहती है मगर फरवरी से जून का सीजन आइसक्रीम कारोबार के लिए उचित माना जाता है।

इस बार शादियों के सीजन को लेकर दुकानदारों को अच्छे व्यापार की उम्मीद थी लेकिन कोरोना की बंदिशों के कारण व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है। गर्मी के सीजन का अधिकांश समय लॉकडाउन में ही निकल गया और अब जल्द ही रियायत नहीं मिली तो कारोबारी फिर से हताश हो जाएंगे।

आइस्क्रीम कारोबारी बोले-अप्रैल में माल मंगवाया, वह हो गया खराब

कस्बे के आइस्क्रीम कारोबारी महीपाल सैनी ने बताया कि मैं 15 साल से मिठाई के साथ आइस्क्रीम बेचता था। मगर पिछले साल की तरह इस बार भी लॉकडाउन में मिठाई की दुकानें नहीं खुल पाई जिससे मिठाई और आइसक्रीम दोनों में ही भारी नुकसान उठाना पड़ा। आइसक्रीम की दुकान चलाने वाले अकबर बैग ने बताया कि जैसे ही सीजन शुरू हुआ महीने भर अच्छा काम चला और बाद में लॉकडाउन लग गया।

लॉकडाउन में एक-दो बार माल मंगवाया मगर ग्राहकी नहीं होने से माल खराब हो गया। बंदिशों के चलते दुकान नहीं खोल पाए और अब किराया भी घर से देना पड़ रहा है। राजेश सैनी ने बताया कि गर्मी के मौसम में आइसक्रीम का अच्छा कारोबार रहता है। इस बार माल मंगवाते ही लॉकडाउन लग गया। विवाह आदि मांगलिक कार्य भी नहीं हो पाए जिससे कोरोनाकाल में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

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