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सुखद खबर:दिसंबर व जनवरी में बेटियां ज्यादा जन्मी तो सुधरा लिंगानुपात, प्रदेश में दूसरे स्थान पर आए

झुंझुनूंएक महीने पहले
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जिले में बाल लिंगानुपात प्रति हजार 29 अंक सुधरा है। - Dainik Bhaskar
जिले में बाल लिंगानुपात प्रति हजार 29 अंक सुधरा है।
  • 2020 के मुकाबले 2021 में 96 बेटे व 508 बेटियां ज्यादा जन्मी

बाल लिंगानुपात में जिले ने इतिहास रचते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। ‌राज्य सरकार द्वारा 2021-21 के जारी हुए बाल लिंगानुपात के आंकड़ों में झुंझुनूं जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है। जिले में बाल लिंगानुपात प्रति हजार 29 अंक सुधरा है। जिले में बीते साल दिसंबर और जनवरी में बेटियों ने ज्यादा जन्म लिया। इसी से ये उपलब्धि हासिल हुई है।

जिले के आठ ब्लॉक में सर्वाधिक लिंगानुपात मलसीसर में 1115 है। इसके बाद खेतड़ी में 1083 और उदयपुरवाटी में 1045 है। जिले में सबसे कम लिंगानुपात बुहाना में 928 है। लेकिन यह बीते साल की तुलना में 52 अंक सुधरा है। पहले बुहाना में 1000 बेटों के मुकाबले 876 बेटियां थी। जो इस बार बढ़ गई हैं। ये जिले के लिए सुखद खबर है। क्योंकि कोख में कत्ल के लिए जिला बदनाम रह चुका है।

एक अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक

महीना लिंगानुपात
अप्रैल 921
मई 990
जून 938
जुलाई 989
अगस्त 999
सितंबर 992
अक्टूबर 984
नवंबर 928
दिसंबर 1061
जनवरी 1025
फरवरी 944
मार्च 960

जिले में 14347 बेटों और 14042 बेटियों ने लिया जन्म, शहरी क्षेत्रों में 354 बेटियां बढ़ी

जिले में अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच 14347 बेटों ने जन्म लिया। वही 14042 बिटिया जन्मी है। इनमें दिसंबर और जनवरी में बेटों के मुकाबले बेटियों ने ज्यादा जन्म लिया है। दिसंबर में 1095 बेटों के मुकाबले 1165 बेटियों तथा जनवरी में 1009 बेटों के मुकाबले 1034 बेटियों ने जन्म लिया।

इसी तरह अप्रैल में 853 बेटों और 786 बेटियों, मई में 1026 बेटों और 1016 बेटियों, जून में 935 बेटों और 877 बेटियां पैदा हुई। जुलाई में 1323 बेटों व 1308 बेटियों, अगस्त में 1461 व 1460, सितंबर में 1363 व 1352, अक्टूबर में 1356 व 1334 तथा नवंबर में 1283 बेटों और 1191 बेटियों ने जन्म लिया। इसी तरह जनवरी में 1009 व 1025, फरवरी में 914 व 863 तथा मार्च में 1729 बेटों और 1659 बेटियों ने जन्म लिया।

इनमें घटी जन्म दर

चिड़ावा, झुंझुनूं, मलसीसर और नवलगढ़ इस साल जन्म दर घटी है। चिड़ावा में पिछले साल के मुकाबले 284 बेटे व 236 बेटियां कम पैदा हुई। झुंझुनूं में 236 लड़के और 94 लड़कियां, मलसीसर में 9 लड़के तथा नवलगढ़ में 34 लड़के कम पैदा हुए हैं। नवलगढ़ और मलसीसर में बेटियां ज्यादा पैदा हुई। मलसीसर में छह तथा नवलगढ़ में 23 बेटियां ज्यादा पैदा हुई।

चार ब्लाॅक में बढ़ा लिंगानुपात

जिले के चार ब्लॉकों में 2020 की तुलना में जन्म दर बढ़ी है। बुहाना में 04बेटे और 50 बेटियां अधिक पैदा हुई। वही खेतड़ी में 47 बेटे व 70 बेटियां, सूरजगढ़ में 295 लड़के व 149 लड़कियां तथा उदयपुरवाटी में 228 बेटे और 186 बेटियां पिछले साल की तुलना में ज्यादा पैदा हुए हैं।

चार ब्लाॅक में बढ़ा लिंगानुपात

जिले के चार ब्लॉकों में 2020 की तुलना में जन्म दर बढ़ी है। बुहाना में 04बेटे और 50 बेटियां अधिक पैदा हुई। वही खेतड़ी में 47 बेटे व 70 बेटियां, सूरजगढ़ में 295 लड़के व 149 लड़कियां तथा उदयपुरवाटी में 228 बेटे और 186 बेटियां पिछले साल की तुलना में ज्यादा पैदा हुए हैं।

जिले को प्रदेश में बाल लिंगानुपात में पहले स्थान पर लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में पीसीपीएनडीटी की टीम को एक्टिव कर रखा है। इसके भविष्य में और अधिक सार्थक परिणाम निकलेंगे।
-डॉ. छोटे लाल गुर्जर, सीएमएचओ झुंझुनूं

जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोपियों पर शिकंजा कसने के सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। अब जिले के बुहाना, सूरजगढ़, खेतड़ी पर पूरा ध्यान रखें है। जल्द ही जिले को प्रदेश में पहले स्थान पर लेकर आएंगे।
-संदीप शर्मा, जिला समन्वयक, पीसीपीएनडीटी झुंझुनूं

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