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  • If The Father Is Ill, The Education Is Missed, Then The Fund Received From The Collector, Till Now He Will Be Able To Study, The Government Will Pay The Expenses

अब होंगे सपने पूरे:पिता के बीमार होने पर पढ़ाई छूटी तो कलेक्टर से मिली निधि, अब जब तक चाहेगी पढ़ सकेगी, सरकार देगी खर्चा

झुंझुनूं9 महीने पहले
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पिता व भाई के साथ बालिका निधि। - Dainik Bhaskar
पिता व भाई के साथ बालिका निधि।
  • चूडी अजीतगढ़ की बेटी की गुहार पर मदद के लिए आगे आए कलेक्टर

आप प्रशासनिक अधिकारी हों या आम नागरिक, लेकिन आपका एक छोटी सा कदम किसी जरुरतमंद को उसके सपने पूरे करने में मदद कर सकता है। ऐसी ही कहानी है जिले के चूड़ी अजीतगढ़ की रहने वाली निधि वर्मा की। जिसे बचपन से स्कूल जाने, पढ़ने और अच्छे अंक लाने की ललक रही। बेहद साधारण परिवार की निधि के पिता नरेंद्र वर्मा मुंबई में मिस्त्री का काम करते थे। उनको कैंसर हो गया। जिसके बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया, लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद निधि ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और 2020 में 12 वीं साइंस में 83 प्रतिशत अंक लेकर आई। सपने थे कि कॉलेज शिक्षा पूरी कर कुछ बनूं। इन्हीं सपनों को पूरा करने के लिए उसने नवलगढ़ के पोदार कॉलेज में साइंस में प्रवेश लिया।

कोरोना के कारण जनवरी में जब क्लासेज शुरू हुई तो कॉलेज की ओर से 17 हजार रुपए फीस मांगी गई। जो निधि के लिए मुमकिन नहीं था। ऐसे में उसके सामने पढ़ाई छोड़ने की नौबत आ गई। इस बीच किसी के बताने पर उसने कलेक्टर यूडी खान को एक प्रार्थना पत्र भेजा और फिर कलेक्टर ने उसे मिलने बुलाया। अपनी मां के साथ वह कलेक्टर से मिलने पहुंची। कलेक्टर ने सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राजेन्द्र बाराेठिया काे निधि की मदद के निर्देश दिए। अब निधि को सरकार से 17 हजार रुपए की मदद मिल चुकी है और वह ना केवल इस साल बल्कि भविष्य में भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी।

पांच दिन में मंजूर हुए 17 हजार रुपए : समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री हुनर याेजना में निधि का आवेदन लिया और महज पांच दिन में आवेदन की सारी प्रक्रिया पूरी कर दी। इसके बाद निधि के बैंक खाते में काॅलेज की पहली साल की फीस 17 हजार रुपए जमा हुए। अब निधि पढ़ने लगी है। निधि की पढ़ाई का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। जब तक वाे पढ़ना चाहेगी उसकी पूरी फीस सरकार ही देगी। निधि के पिता का एक ऑपरेशन और हाेना है, लेकिन परिवार आर्थिक संकट के चलते उनका ऑपरेशन नहीं करवा पा रहा है।

जानिए, क्या है मुख्यमंत्री हुनर विकास याेजना
समाज कल्याण विभाग की पालनहार याेजना का लाभ लेने वाले परिवाराें की मदद के लिए मुख्यमंत्री हुनर विकास याेजना बनाई गई है। इसमें पालनहार में शामिल रहे 17 साल से अधिक उम्र के बच्चाें की शिक्षा और उनकाे हुनरमंद बनाने के लिए लाभ दिया जाता है। जिससे वे अपनी पढ़ाई काे जारी रख सकते हैं। इस याेजना में पालनहार, एड्स, कुष्ठ राेग से पीड़ित मरीजाें की संतान, आजीवन कारावास की सजा पाने वाले दंपती की संतान, विशेष याेग्यजन की संतान, सिलकाेसिस से पीड़ित दंपती के बच्चाें काे शिक्षा के लिए मदद मिलती है।

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