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संकट की ऐसी काली छाया:कोरोना को लेकर अब भी गंभीर नहीं हैं तो इनका दर्द समझिए, जो अपनों के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए

झुंझुनूं2 महीने पहले
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दाह संस्कार करते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
दाह संस्कार करते कर्मचारी।
  • कोरोना के 304 नए केस, 3 मौत

जिले में गुरुवार को कोरोना के 304 नए केस मिले जबकि तीन मरीजों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा केस सूरजगढ़ ब्लॉक में 89 मिले हैं। इनके अलावा नवलगढ़ में 69, चिड़ावा में तीन, उदयपुरवाटी में 7, खेतड़ी में 54, मलसीसर में 21, झुंझुनूं ग्रामीण में 41, झुंझुनूं शहर में 19 तथा बुहाना में एक नया केस मिला है। शहर के इमाम नगर की 35 साल की ताज बानो को 2 मई को बीडीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां 3 मई को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

वहीं खेतड़ी के बसई के 60 साल के राज कमल का बुखार होने पर पीएचसी मेहाडा में सैम्पल लिया गया। होम आइसोलेशन के दौरान मौत हो गई। पिछले 10 वर्षों से अस्थमा से पीडित था। इसी तरह नवलगढ़ के मोहनबाड़ी की 72 साल की विमला को 1 मई को बुखार एवं श्वांस मे तकलीफ होने पर पीएचसी मोहनबाड़ी मे सैम्पल दलिया गया। तबीयत ठीक नहीं होने पर नही एसडीएच नवलगढ़ में भर्ती किया गया। जहां इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

झुंझुनूं शहर में 19 पॉजिटिव केस : इनमें सैनिक नगर, इंदिरा नगर, बीडीके, वार्ड नंबर 8, रविंद्र अस्पताल, रीको, संतोष नगर, हाउसिंग बोर्ड, वार्ड 12, जीत नगर, न्यू कॉलोनी, वार्ड 9 से नए केस आए हैं। इंदिरा नगर में एक महिला चिकित्सक संक्रमित मिली है। झुंझुनूं ग्रामीण में बगड़, सोती, पकौड़ी की ढाणी, चूड़ी अजीतगढ़, श्यामपुरा, दुर्जनपुरा, सिरियासर कलां, चनाना, नयासर और आबूसर में पॉजिटिव मिले हैं। वहीं बगड़ में 30 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। नए मरीजों में बगड़ कस्बे के 12 तथा सीएससी क्षेत्र के 18 मरीज हैं। एक युवक की मौत हो गई।

पालिका ने संक्रमित का रात को ही किया अंतिम संस्कार, बेटा मुखाग्नि नहीं दे सका

सुशील इंदौरिया, पिलानी, कोरोनाकाल में देश के कई परिवारों ने दुख की असहनीय पीड़ा देखी है। जिसका दर्द महसूस करने के लिए खुद को पत्थर सा बना लेना पड़ता है। ऐसी ही कहानी पिलानी के वार्ड 21 में रहने वाले एक परिवार की है। जहां बुधवार को परिवार के मुखिया राजकुमार भार्गव का कोरोना से निधन हो गया। उसका बेटा पंजाब में रहता है।

रात को निधन होने के बाद चिकित्सा विभाग व पालिका के कर्मचारी शव को एंबुलेंस में सीधे श्मशान भूमि ले गए। मृतक के परिजन उनसे आग्रह करते रहे कि मृतक का बेटा पंजाब रहता है और वैसे भी हिंदु परंपरानुसार रात को अंतिम संस्कार नहीं कर सकते, लेकिन कोरोना के इस संकट में संवेदनाएं और संस्कार जैसे मजबूरी में बदल गए। कर्मचारियों ने कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए रात दस बजे अंतिम संस्कार कर दिया।

घर नहीं ले जा सके शव- बिसाऊ के युवक की चूरू में हुई मौत

बिसाऊ, कस्बे में कोरोना संक्रमण से मौतों का सिलसिला बढ़ने लगा है। गुरुवार को वार्ड 5 निवासी शंकरलाल सैनी की इलाज के दौरान चूरू के डीबी अस्पताल में मौत हो गई। यह युवक पांच दिन पहले सर्दी जुकाम से पीड़ित हुआ था। तब उसको चूरू के डीबी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई।

इसके बाद एंबुलेंस से सीधे ही उसका शव श्मशान घाट ले जाया गया, जहां कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। चूरू के डीबी अस्पताल के कोविड वार्ड प्रभारी डाॅ. साजिद अली ने इसकी पुष्टि की है। परिवार के कई अन्य सदस्य भी संक्रमित हैं।

झुंझुनूं में वेंटिलेटर नहीं मिला तो नाथद्वारा ले गए, लेकिन शिक्षक को बचा नहीं सके

गणेश सैनी, बड़ागांव, जब तक शरीर में एक भी सांस बाकी रहती है। परिजन उन सांसों को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैं, लेकिन कोरोना के इस संकट ने जैसे हर किसी को बेबस ही कर दिया है। ऐसा ही मामला बड़ागांव में सामने आया है। दिल्ली के सरकारी स्कूल में कार्यरत बड़ागांव निवासी शिक्षक पुष्पेंद्र 28 अप्रैल को लौटे थे। उन्होंने खांसी जुकाम होने पर जांच करवाई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

उन्हें झुंझुनूं के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। गंभीर होने पर उन्हें बीडीके अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां वेंटिलेटर नहीं मिला। किसी से जानकारी मिली कि नाथद्वारा में वेंटिलेटर मिल सकता है। तब उन्हें नाथद्वारा ले गए। जहां तीन दिन भर्ती रहने के बाद उनकी मौत हो गई। गुरुवार को शव बड़ागांव में सीधे मोक्षधाम ले जा गया। माता -पिता, पत्नी व दो छोटे बच्चे अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए।

सरकार का झूठ जारी-मौत कोरोना से, विभाग बता रहा है हार्ट अटैक

मलसीसर, कस्बे के वार्ड 14 के एक युवक की गुरुवार को कोरोना से मौत हो गई। युवक का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। युवक को बुधवार को ही बीडीके के एमरजेंसी वार्ड से कोविड वार्ड में शिफ्ट किया था। हालांकि युवक की मौत कोविड से ही हुई है, लेकिन विभाग मौत हार्टअटैक से मान रहा है।

जानकारी के अनुसार युवक ने पांच दिन पहले सीएचसी में जांच कराई थी। एक्सरे में फेफड़ो में संक्रमण मिला था। इसके बाद उसे बीडीके के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। बुधवार को उसे कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया। जहां पर गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई।

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