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रोजगार की समस्या:पिछले लॉकडाउन में मजदूराें का सहारा बनी मनरेगा इस बार बंद

झुंझुनूंएक महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

काेराेना के बढ़ते संक्रमण की चेन ताेड़ने के लिए सरकार की ओर से 10 मई से दाे सप्ताह के लिए लगाए जा रहे लाॅकडाउन में इस बार ग्रामीण क्षेत्र में राेजगार की सबसे अहम कड़ी मनरेगा के कार्य भी बंद रहेंगे। दरअसल ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजाेर तबके के लाेग नरेगा में मजदूरी करते हैं। ये लाेग गांव में खेल मैदान काे समतलीकरण, पाैधाराेपण, कुंड, मेड़बंदी व रास्ता दुरुस्तीकरण व अन्य काम करते हैं।

पिछले लाॅक डाउन में जब सभी काम काज बंद हाे गए थे, तब नरेगा ही चल रहे थे। नरेगा में हजाराें लाेग काम कर अपनी आजीविका चला रहे थे। इस बार राज्य सरकार ने काेराेना की दूसरी लहर का असर ग्रामीण क्षेत्राें में अधिक मानते हुए नरेगा कार्य भी लाॅकडाउन में बंद करने का निर्णय किया है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के मजदूराें पर राेजगार का संकट खड़ा हाे गया है।

जिले में 20 हजार मजदूर काम कर रहे हैं : जिले में नरेगा में करीब 20 हजार मजदूर काम कर रहे हैं। जिले की 337 पंचायताें में से 274 पंचायताें में नरेगा के काम कर रहे है। 10 मई से इन सभी कामाें पर ब्रेक लग जाएंगे। यानी नरेगा याेजना के कार्य बंद हाेने से ग्रामीण क्षेत्राें में 20 हजार परिवाराें के समक्ष राेजी राेटी का संकट खड़ा हाेगा। जिले में 95 हजार 341 एक्टिव जाॅब कार्ड है।

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