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सुविधा बनी दुविधा:लॉन्च होने के बाद से ही अटकी है आयकर विभाग की नई वेबसाइट, न रिपोर्ट अपलोड हो रही

झुंझुनूंएक महीने पहले
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आयकर रिटर्न फॉर्म डाउनलोड करने व ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने वाले जिले के हजारों आयकरदाताओं के काम अटक गए हैं। - Dainik Bhaskar
आयकर रिटर्न फॉर्म डाउनलोड करने व ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने वाले जिले के हजारों आयकरदाताओं के काम अटक गए हैं।
  • न डाउनलोड हो रहे रिटर्न, 50 हजार लोग परेशान
  • सीए बोले- कई अहम रिटर्न और रिपोर्ट फाइल करने की तारीखें करीब, होम लोन भी अटके
  • ऐसा भी-डिजिटल सिग्नेचर जरूरी, लेकिन वेबसाइट पर पॉपअप ही नहीं बना

आयकरदाताओं को ज्यादा सुविधा देने के लिए बनाई गई आयकर विभाग की नई वेबसाइट 7 जून को लॉन्च होने के 10 दिन बाद भी नहीं चल रही है। आयकर रिटर्न फॉर्म डाउनलोड करने व ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने वाले जिले के हजारों आयकरदाताओं के काम अटक गए हैं।

इस पूरे माह में अब तक न तो एक रिटर्न फाइल हो सका है और न ही कोई रिपोर्ट अपलोड हुई है। टैक्स प्रैक्टिशनर्स व सीए का कहना है कि कई अहम रिटर्न और रिपोर्ट फाइल करने की तारीखें करीब है।

नए बैंक लोन और कंपनी एक्ट के तहत ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने जैसे सारे काम अटक गए हैं। सीए जिम्मी माेदी ने बताया कि आयकर विभाग ने शहर में हजारों लोगों को अपने डिजिटल सिग्नेचर नए पोर्टल पर रजिस्टर कराने को कहा है, लेकिन वेबसाइट में अब तक इसका पॉपअप तक नहीं बनाया गया है।

जून के 17 दिन ऐसे हुए खराब

  • 1-6 जून तक आयकर विभाग की वेबसाइट पूरी तरह बंद रही।
  • 7 जून को सुबह वेबसाइट लॉन्च होनी थी, शाम को 9 बजे की गई।
  • 8 से 17 जून साइट बहुत धीमी चल रही है। रिटर्न फाइल नहीं हो रहे।

इसलिए लाए थे यह वेबसाइट

आयकर और जीएसटी के रिटर्न और दूसरे डेटा एक ही जगह दिख जाएं। आम आदमी के रिटर्न भरे हुए आएं, यानी व्यक्ति को रिटर्न भरते वक्त यह न भरना पड़े कि उसके टैक्स अकाउंट 26 एएस में डिमांड या फिर रिफंड कितना है। उसे शेयर और म्यूचुअल फंड की बिक्री से कितना कितना कैपिटल गैन हुआ। करदाता को कुछ टैक्स यूपीआई और डेबिट-क्रेडिट कार्ड से बकाया टैक्स जमा कराने की सुविधा मिले, कुछ चुनिंदा बैंकों में जाकर उसे चालान न बनवाना पड़े।

आयकर के कई प्रावधान जैसे की स्क्रूटिनी, धारा 12ए/80जी के नवीनीकरण या अन्य कई फॉर्म है जिन्हें 30 जून से पहले करना था। उसमें करदाता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करदाता पहले से भरी हुई आयकर विवरणिका/ फाॅर्म 26एएस/ ई-वेरीफाई आदि कार्य भी सुगमता से नहीं कर पा रहा है। सरकार को 30 जून की लिमिट में करने वाली कार्रवाई को 2 महीने का समय देकर आगे बढ़ाना जरूरी है।
- मनीष अग्रवाल, सीए

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