प्रदर्शन जारी:शराब ठेकेदारों का खेतड़ी व झुंझुनूं में धरना चौथे दिन भी जारी रहा, बोले-भूख हड़ताल करेंगे

खेतड़ी नगर2 महीने पहले
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खेतड़ी नगर. विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे शराब ठेकेदार। - Dainik Bhaskar
खेतड़ी नगर. विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे शराब ठेकेदार।

शराब ठेकेदार यूनियन झुंझुनूं के बैनर तले खेतड़ी व बुहाना के शराब ठेकेदारों का धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। ठेकेदारों ने गोदाम से शराब का उठाव नहीं करते हुए देसी शराब गोदाम के सामने धरना दिया। ठेकेदारों ने सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। मंगलवार को हनुमानसिंह नंगली के नेतृत्व में धरना दिया। चिरंजीलाल व सुदेश ढाका ने बताया कि शराब गारंटी की बाध्यता खत्म करने, बेसिक लाइसेंस फीस हटाने, ठेकेदारों को कंपोजिट फीस वापस देने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।

उन्होंने ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते व आर्थिक मंदी के कारण शराब ठेकों पर बिक्री पहले से काफी कम हो गई। साथ ही सरकारी की गारंटी की बाध्यता नीतियों के चलते शराब ठेकेदारों को हर महीने लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल तक आरएमएल ब्रांड की शराब की बाध्यता 20 प्रतिशत तक थी, जिसे सरकार ने बढ़ा कर 50 प्रतिशत कर दिया।

ठेकेदारों ने कहा कि पहले से ही शराब ठेकेदार के परिवार वालों के सामने भूखे मरने की नौबत आ रही है अगर सरकार ने उनकी मांग जल्द नही मानी तो भूख हड़ताल पर बैठ कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर विकास, अम्मीलाल, धुड़ाराम, सुमेर, हंशराज, सीताराम, विजयसिंह, कुलदीप, श्रवण, पृथ्वीसिंह, नत्थुसिंह, नवनित, लीलू, विक्रमसिंह, सुनिल, पटवारी, यशपाल, मुखाराम, मुकेश, नरेश, लीलाधर सैनी, सुरेंद्र, अशोक, मोनू, रणजीत, जयराम, परसाराम, अनुप, संजय यादव आदि शराब ठेकेदार धरने में शामिल थे।

गारंटी राशि की बाध्यता समाप्त करने समेत 8 मांगें

झुंझुनूं, आबकारी विभाग द्वारा मांगे नहीं माने जाने काे लेकर आंदाेलन कर रहे शराब ठेकेदाराें का चाैथे िदन भी धरना जारी रहा। मंगलवार काे भी शराब ठेकेदाराें ने शराब का उठाव नहीं किया। शराब ठेकेदार यूनियन के जिला अध्यक्ष विजेन्द्र मील बाकरा ने बताया कि आबकारी विभाग शराब ठेकेदाराें की वाजिब मांगाें काे नहीं मान रहा है। जिससे शराब अनुज्ञाधारियाें में आक्राेश पनप रहा है।

शराब ठेकेदाराें की राइडर हटाने, कंपाेजिट फीस वापस करने, गारंटी राशि की बाध्यता समाप्त करने समेत आठ सूत्री मांगाें काे लेकर काेई भी निर्णय नहीं प्रशासन की उदासीनता है। धरने में बाबूलाल शर्मा, घासीराम पूनिया, मनोज नेहरा, उमराव गुर्जर, शीशराम गोदारा, देवेन्द्र चौधरी, सुदेश ढाका, हनुमान सिंह नंगली, राकेश बांगड़वा शामिल थे।

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