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टिड्‌डी दल का हमला :चूरू-सीकर से प्रवेश कर पूरे जिले में फैली टिड्डियां

झुंझुनूं16 दिन पहले
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बड़ागांव. खेतों में मूंगफली की फसल पर बैठी टिड्डियां।
  • टिडि्डयों का एक दल पिलानी से होते हुए हरियाणा की तरफ निकला, जबकि 3 दलों ने अभी भी जिले के गांवों में डाल रखा है डेरा
  • नवलगढ़ के पुजारी की ढाणी, मीलों का बास व मलसीसर के बाडेट में कृषि विभाग की टीम ने दवा का छिड़काव कर किया खात्मा
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चूरू व सीकर से प्रवेश कर टिड्डी दल जिले के विभिन्न खेतों में फैल गया। इनको भगाने के लिए किसानों ने तेज आवाज में डीजे बजाए, खेतों में थाली व पीपे बजा कर टिड्डियों को उड़ाया। खेतड़ी क्षेत्र में दो दलों ने रात को पड़ाव डाला, जबकि पिलानी पहुंचा एक दल हरियाणा की ओर चला गया। इधर, कृषि विभाग की टीम ने रविवार रात को रेस्क्यू कर नवलगढ़ क्षेत्र के पुजारी की ढाणी, मीलों की ढाणी, अजाड़ी खुर्द व मलसीसर के बाडेट में टिड्डी पर छिड़काव कर काबू पाया। कृषि अधिकारियों का कहना है कि टिड्डियों के दो दल रात को खेतड़ी क्षेत्र में पड़ाव डालेंगे। चूरू से बिसाऊ, महनसर की ओर एक और दल आने की संभावना है। 

सोमवार शाम शहर के नजदीक से टिड्‌डी दल गुजरा। टिड्डियों के आने की पूर्व सूचना मिलने पर ग्रामीण महिलाएं और बच्चे थालियों-चमचे लेकर घरों की छतों पर पहुंच गए। वहीं किसान परिवार खेतों में बर्तन-कनस्तर बजाकर बचाव करते नजर आए। शाम करीब छह-साढे छह बजे सिंघाना की ओर से ओजटू, नूनिया गोठड़ा, बख्तावरपुरा, अलीपुर, बगड़ होते हुए दल गुजरा।

कस्बे में शाम साढ़े चार बजे सिंघाना व कलाखरी की तरफ से टिड्डी दल घुस गया। बाद में पचेरी रोड को पार करते हुए बणी की तरफ निकल गया। मुन्सी  कुमावत, झांझा के पूर्व सरपंच घीसाराम यादव ने बताया कि टिड्‌डी दल ज्यादा समय पड़ाव नहीं डाल सका। लोगों ने पीपे, थाली बजाकर भगा दिया।

सिंघाना में दूसरी बार पहुंची टिड्डियां, मूंगफली की फसल को पहुंचाया सर्वाधिक नुकसान
सिंघाना क्षेत्र में रविवार को दूसरी बार टिड्डियों का दल पहुंचा। किसानों ने खेतों में जाकर थाली, पीपे अन्य सामान बजा कर टिड्डियों को भगा दिया। इस दौरान दल अलग-अलग ग्रुप में बंट गया और खेतड़ीनगर, गूजरवास, ढाणी हुक्मा व माकड़ों की पहाड़ी की ओर चला गया। बाजार में टिड्डियों के दल को देख कर दुकानदारों ने बाहर आकर पटाखे, थाली व किसानों व ग्रामीणों ने परात बजा कर टिड्डियों को उड़ाया। 

कस्बे में सोमवार को फिर आए टिड्‌डी दल ने मूंगफली, बाजरे की फसलों को नुकसान पहुंचाया। किसानों ने बताया कि दो दिन पहले भी टिड्डियों ने खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

चूरू जिले की ओर आया टिड्डी दल ने पिलानी क्षेत्र के गांवों में उड़ता दिखा। ग्रामीणों ने डीजे, पीपे व थालियां बजा कर भगाने का प्रयास किया। पांथड़िया से टिड्डी मोरवा, डूलानिया होते हुए हरियाणा की ओर चली गई।

मैनपुरा, कंकराना की ओर से क्षेत्र के किशोरपुरा, ककराना, दीपपुरा, नेवरी, पौंख, गुड़ा में टिड्डी दल पहुंचा। इस दल में टिड्डी की मात्रा कम था जो जोधपुरा होते हुए सीकर की तरफ चला गया।

क्षेत्र में रविवार रात को पहुंचे टिड्डी दल ने सोमवार को सुबह तक मूंगफली, सब्जियों के साथ चारे की फसल को नष्ट कर दिया। पहले एक खेत से दूसरे खेत जा रही टिड्डी का दल कुछ देर बाद भड़ौंदा कलां, बड़ागांव की तरफ निकल गई। मुकेश महला ने बताया कि सुबह खेतों में फसलों पर टिड्डियां बैठी थी। रामसिंह, बुधराम, विनोद, राजेश, संजय सैनी, बिरजू लाल सैनी आदि ने भगाया। 

गांव में सोमवार को टिड्डियों के दल ने दस्तक दे दी। परन्तु किसानों ने अपनी सतर्कता के कारण खेतों में नुकसान होने से बचा लिया। सुभाष बुगालिया ने बताया कि भगेरा, पनिया की ढाणी की तरफ से टिड्डियों के आने की सूचना मिलते ही ग्रामीण खेतों में पहुंच गए। बचाव के लिए डीजे, पीपे, थालियां बजाई।

क्षेत्र में आया टिड्डी दल कई गांवों में फैला
 इलाके में सोमवार को आया टिड्डी दल क्षेत्र के कई गांवों में फैल गया। दल के कई हिस्सों में बंटने से खेतों में कोई विशेष नुकसान नहीं हो पाया। किसानों के शोर-शराबा करने से दल के कुछ हिस्से हरियाणा की तरफ चले गए। दोपहर करीब ढाई बजे चूरू जिले की ओर से बेरी गांव में इसका प्रवेश हुआ। टिड्डी दल टुकड़े होकर छोटे दलों में बंट गया। इनमें से कुछ दल पिलानी होते हुए फरट, बिजौली, कासनी, लोटिया, बेरला इलाके के गांव-ढाणियों में पहुंचे। कुछ दलों ने लाखू, ब्राह्मणवास आदि गांवों में डेरा डाल लिया। कृषि अधिकारी रणवीर पूनिया ने बताया कि जिन गांवों में टिड्डी दल ने पड़ाव डाला है, वहां टीमों को भेजा गया है।

धमाेरा, सिंगनौर और भोड़की में 28 साल बाद आया टिड्डियाें का दल

क्षेत्र के गांवाें में साेमवार काे अचानक टिड्डियाें काे दल आ गया। इलाके में करीब 28 साल बाद एक बार फिर टिड्डियाें का आंतक दिखाई दिया। इससे पहले 1992 में टिड्डियाें का दल आया था। सुबह 9 बजे दाे किलाेमीटर से ज्यादा बड़ा टिड्डियाें का दल सिंगनाेर, धमोरा और भोड़की में आ गया।

ये दल सिंगनौर में सबसे पहले आया। 30 मिनट के बाद टिड्डियों का दल दो भागों में बंट कर रघुनाथपुरा और गिलों के बास की ओर निकल गया। धमोरा के कृषि पर्यवेक्षक सुरेंद्र जाखड़ व भाेड़की के कृषि पर्यवेक्षक अशोक यादव ने बताया कि किसानाें की सजगता से टिड्डियों का दल खेतों में ज्यादा नुकसान नहीं कर पाया। रात काे इसी दल ने पुजारी की ढाणी के पास पड़ाव डाला था। जहां स्प्रे किया गया। 

1992 के बाद पहली बार लाैटी टिड्डी
 ग्रामीणाें ने बताया कि 1992 के बाद टिड्डियाें का दल का हमला पहली बार हुअा है। इस बार ये टिड्डियाें का दल काफी बड़ा अाैर भयावह है। ग्रामीणाेंे ने बताया कि टिड्डियाें का दल अाने के दाैरान अंधेरे सा हाे गया था। किसानाें ने टिड्डी दल काे भगाया।

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