खींचतान:पंचायत समिति ने नर्सरी भूमि से सैंकड़ाें पेड़ कटवाए, उनकी नीलामी की तैयारी

झुंझुनूंएक महीने पहले
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  • पंचायत समिति ने पहले नगर परिषद की नर्सरी की 1.34 हैक्टेयर जमीन पर किया था कब्जा, फिर भी जिम्मेदार मौन

पंचायत समिति द्वारा नगर परिषद की नर्सरी की जमीन पर अवैध कब्जा करने के बाद कई साल से खड़े सैंकडाें हरे पेड़ाें काे कटवा देने का मामला सामने आया है। इस मामले काे लेकर पंचायत समिति बीडीओ ने जंगल हाेने के कारण से उनका सफाया कराने की बात कही है। अब नीलामी की आड़ में लाखाें रुपए की पेड़ाें काे खुर्दबुर्द करने की तैयारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार शहर के सीकर राेड पर पंचायत समिति के निकट नगर परिषद की खातेदारी वाली नर्सरी 1.34 हैक्टेयर जमीन पर इसी साल अगस्त में पंचायत समिति ने खुद की बताते हुए इस पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद पंचायत समिति ने इस जमीन पर चारदीवारी बना डाली। अब पंचायत समिति ने नगर परिषद की जमीन और खुद की भूमि से वन विभाग व राजस्व विभाग से पेड़ काटने की काेई अनुमति लिए बिना ही सैंकड़ाें हरे पेड़ कटवा दिए। इनमें नीम समेत विभिन्न किस्माें सालाें पुराने पेड़ शामिल हैं। सामने आया है कि पंचायत समिति परिसर में स्थित विलायती बबूल और सफेदे के कुछ पेड़ाें काे कटवाने के लिए पंचायत समिति की ओर से नीलामी की गई है। इसकी आड़ में सालाे पुराने विकसित पेड़ाे काे काट दिया गया।

पूछा ताे बीडीओ बाेले-जंगल था, उसका सफाया करना जरूरी था, इसलिए कटवाए
इस मामले काे लेकर पंचायत समिति के विकास अधिकारी राकेश जानू से हरे पेड़ काटने काे लेकर सवाल पूछा गया। ताे उन्हाेने बताया कि पंचायत समिति की जमीन में जंगल बना हुआ था और उसका सफाया जरूरी था। इसके लिए नीलामी कर विलायती बबूल और सफेदे के पेड़ कटवाए गए हैं। वहीं नीम के पेड़ाें की छंगाई कराई गई है। अनुमति लेने के सवाल पर उन्हाेने काेई जवाब नहीं दिया। दूसरी ओर नगर परिषद की जमीन हाेने के बाद भी मालिकाना हक काे लेकर सवाल पर उन्हाेने बताया कि पंचायत समिति काे अभी तक कब्जा नहीं मिला है।

अनुमति भी नहीं ली

इस मामले की पड़ताल करने पर सामने आया कि पंचायत समिति के जिम्मेदार अधिकारियाें ने पेड़ कटवाने के लिए किसी भी विभाग की अनुमति नहीं ली। पंचायत समिति ने बिना अनुमति के ही सैंकड़ाें पेड़ाें काे कटवा डाले। जबकि नियमाें के अनुसार पेड़ काटने के लिए वन विभाग, राजस्व विभाग और शहरी क्षेत्र में नगर परिषद से इसकी अनुमति लेनी हाेती है।

पंचायत समिति ने पेड़ कटवाने के लिए काेई अनुमति नहीं ली है। वैसे नर्सरी की जमीन पंचायत समिति खाली करा चुकी है। उनकाे राजस्व विभाग से अनुमति लेनी थी।- राजेन्द्र हुड्डा, उप वन संरक्षक झुंझुनूं

पंचायत समिति की ओर से हरे पेड़ काटने के लिए काेई अनुमति नहीं ली गई। वैसे शहरी क्षेत्र में पेड़ कटवाने की अनुमति नगर परिषद देती है। -अजीत जानू, कार्यवाहक तहसीलदार

पंचायत समिति की ओर से हरे पेड़ कटाने काे लेकर मुझे काेई जानकारी नहीं है। ना ही हमसें कोई अनुमति ली गई। -अनिता खीचड़, आयुक्त नगर परिषद

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