झुंझुनूं नगर परिषद का अजीब फैसला:शहर के बीच डंपिंग यार्ड को बनाने की दी अनुमति, पूर्व सैनिकों ने किया विरोध; आंदोलन की चेतावनी दी

झुंझुनूं2 महीने पहले
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प्रदर्शन करने पहुंचे लोग। - Dainik Bhaskar
प्रदर्शन करने पहुंचे लोग।

झुंझुनू में केंद्रीय विद्यालय के मुख्य द्वार के सामने शहर की बेशकीमती जमीन पर नगर परिषद द्वारा कचरा डालने का डंपिंग यार्ड तैयार करने का आज स्थानीय निवासियों और पूर्व सैनिकों द्वारा जमकर विरोध किया गया। पूर्व सैनिकों द्वारा इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। डंपिंग यार्ड को जल्द से जल्द हटाकर कहीं और शिफ्ट करने की मांग की गई। विरोध कर रहे पूर्व सैनिकों का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय में सैनिकों,पूर्व सैनिकों और राज्य कर्मचारियों के करीब 1250 बच्चे पढ़ते हैं।

डंपिंग यार्ड बनाने से बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं, स्कूल के ठीक सामने डंपिंग यार्ड बनाने से कचरे के प्रदूषण से जिले का मीणा छात्रावास, थ्री डॉट्स विद्यालय और जिले की बहुत बड़ी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी वसंत विहार, प्रताप नगर गांधी नगर,सैनिक नगर और चारों तरफ आबादी क्षेत्र में भयंकर प्रदूषण फैलेगा। जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ेगा। पूर्व सैनिकों ने विरोध करते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में डंपिंग यार्ड को यहां से बंद कर कहीं और शिफ्ट करने की मांग और नगर परिषद के संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है। वहीं, डंपिंग यार्ड को नहीं हटाने पर पूर्व सैनिकों द्वारा बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।

डंपिंग यार्ड को आबादी क्षेत्र से दूर बनाने का है नियम

नियम के अनुसार डंपिंग यार्ड को शहर की आबादी क्षेत्र से दूर बनाया जाता है। मगर नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत से कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी को लाभ पहुंचाने की नियत से डंपिंग यार्ड को आबादी क्षेत्र से दूर ना बनाकर आबादी क्षेत्र में ही बना दिया गया ताकि कचरा संग्रहण कर रहे वाहनों को ज्यादा दूर ना जाना पड़े। ईंधन की खपत भी कम से कम हो जिससे कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी को लाभ मिल सके।

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