युवक की मौत, परिजनों ने शव लेने से किया मना:आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग का लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना, 6 दिन से शव नहीं लिया

झुंझुनूंएक महीने पहले
कलेक्ट्रेट पर धरना देते परिजन

झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ इलाके में डूमरा गांव निवासी प्रदीप मेघवाल की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। प्रदीप के परिजन उसकी बोलेरो से टक्कर मारकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग को लेकर छह दिन से शव नहीं ले रहे हैं। जबकि दूसरे पक्ष ने इसे दुर्घटना बताते हुए जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। पीड़ित पक्ष की ओर से भीम आर्मी ने भी एसपी, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर रात को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया था।

धरने में जेजूसर, सोटवारा व डूमरा क्षेत्र के लोग झुंझुनूं आए थे। वहीं सोटवारा सरपंच प्रतिनिधि राहुल चौधरी के नेतृत्व में गांधी चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। आज परिजनों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया उसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने को लेकर एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि 8 दिसंबर की रात को डूमरा गांव में प्रदीप शराब के नशे में सड़क पर बाइक खड़ी करके उसके पास बैठा था। रात करीब 12 बजे एक बोलेरो गाड़ी की चपेट में आने से उसकी मृत्यु हो गई।

परिजनों ने पुलिस और प्रशासन पर गुमराह करने का लगाया आरोप

परिजन व भीम आर्मी के सदस्य एसपी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान भीमसेना जिलाध्यक्ष हवासिंह, काला, संस्थापक अनिल तिड़दिया, विधिक सलाहकार अभिषेक माथुर समेत अनेक लोग मौजूद रहे। भीमसेना प्रदेशाध्यक्ष रवि कुमार मेघवाल ने कहा कि पीड़ित परिवार पांच दिन से न्याय के लिए भटक रहा है। केवल निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया जा रहा है। बगैर परिजनों को बताए पोस्टमार्टम करा दिया। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता धरने पर रहेंगे। धरने पर प्रदीप के बड़े भाई संदीप मेघवाल, ताऊ बिहारीलाल, चाचा मदनलाल, मुकेश कुमार व अन्य लोग बैठे। भीमसेना के संस्थापक अनिल तिड़दिया ने कहा कि डूमरा के प्रदीप मेघवाल की षड़यंत्र पूर्वक हत्या की गई है।

ये है मामला

मामले के अनुसार 8 दिसंबर की रात काे डूमरा गांव में प्रदीप शराब के नशे में सड़क पर बाइक खड़ी करके उसके पास बैठा था। रात करीब 12 बजे एक बाेलेराे गाड़ी की चपेट में आने से उसकी मृत्यु हाे गई। परिजनो का आरोप है कि 7 दिसंबर की रात काे माया हाेटल में खाना खाते समय प्रदीप का झगड़ा हुआ था। आराेपी विकास कुमार व उसके साथियाें ने इसी रंजिश के चलते गाड़ी से टक्कर मारकर प्रदीप की हत्या कर दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया। 8 दिसंबर की रात को वाहन की टक्कर से युवक प्रदीप मेघवाल की मौत के मामले में परिजनों ने हत्या का मामला थाने में दर्ज कराया था। सोमवार को पांचवे दिन भी परिजनों की ओर से शव नहीं लेने के चलते मृतक की अंत्येष्टि नहीं हो सकी। मृतक के परिजन व ग्रामीण आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार करने समेत अन्य मांगों को लेकर अड़े हैं। जिसके चलते शव पिछले पांच दिनों से सीएचसी की मोर्चरी में रखा है। गौरतलब है कि इस संबंध में मृतक के भाई संदीप मेघवाल ने विकास जाट व अन्य चार पांच आरोपियों के खिलाफ गाड़ी से जानबूझकर टक्कर मारकर हत्या करने का मामला पुलिस थाने में दर्ज करवाया था। मामले की जांच नवलगढ़ डीएसपी सतपालसिंह कर रहे हैं।

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