प्रसूता की मौत पर हंगामा:परिजनों का बीडीके अस्पताल के बाहर हंगामा जारी, डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप

झुंझुनूं2 महीने पहले
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11 अक्टूबर को बीडीके अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती करवाया गया था। - Dainik Bhaskar
11 अक्टूबर को बीडीके अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती करवाया गया था।

झुंझुनू के बीडीके अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों का हंगामा कल से लगातार जारी है। सिजेरियन से हुए प्रसव के बाद महिला की मौत होने से परिजन कल रात से ही चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर रहे हैं। मामले के अनुसार पुरोहितों की ढाणी निवासी कांता (32) पत्नी कपिल कुलहरी को 11 अक्टूबर को बीडीके अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती करवाया गया था। इसके बाद कांता की सिजेरियन से डिलीवरी करवाई गई।

डिलीवरी के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। प्रसूता को जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां इलाज के दौरान प्रसूता की बुधवार सुबह मौत हो गई। देर शाम प्रसूता का शव लेकर बीडीके अस्पताल पहुंचे परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि जब तक सक्षम अधिकारी की मौजूदगी में लापरवाह चिकित्सकों पर कार्रवाई नहीं की जाती तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा।अस्पताल के बाहर परिजनों का हंगामा जारी है।मौके पर झुंझुनू सीओ सिटी लोकेंद्र दादरवाल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

परिजनों के आरोप-चिकित्सकों की लापरवाही से गई प्रसूता की जान

कांता के पति कपिल ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने लापरवाही से नस काट दी, जिससे बहुत ज्यादा खून बहने लगा और कांता की मौत हो गई। वहीं, परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने लापरवाही बरती है। जयपुर में चिकित्सकों ने परिजनों को बताया कि जब झुंझुनू में ऑपरेशन किया गया तो प्रसूता का बीपी सही नहीं था। उसके बावजूद ऑपरेशन किया गया।