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​​​​​​​फर्जीवाड़े का झुंझुनूं कनेक्शन:भड़ौंदा कलां के सांवरमल ने मास्टरमाइंड के साथी महेंद्र से दोस्ती के चलते पैसों के लालच में आकर बोगस स्टूडेंट बन दी नीट परीक्षा

झुंझुनूं8 दिन पहले
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  • नीट पेपर लीक मामले में झुंझुनूं के भड़ौंदा कलां का सांवरमल सुनार भी शामिल, बनारस से कर रहा है एमबीबीएस

प्रदेश में नीट एग्जाम पेपर लीक के मामले में गिरोह के तार झुंझुनूं से भी जुड़े हैं। जिले के भड़ाैंदा कलां गांव का एक मेडिकल छात्र सांवरमल साेनी इस मामले में बोगस अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दे रहा था। जिसे पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में मास्टर माइंड समेत नौ लोग गिरफ्तार हुए हैं। सामने आया है कि सांवरमल सोनी पहली बार इस गैंग में शामिल हुआ। सांवरमल रविवार को जयपुर के एलबीएस कॉलेज में परीक्षा दे रहा था। जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे इस काम के लिए दो से तीन लाख रुपए मिलने वाले थे। वह मास्टर माइंड के लिए काम करने वाले नीमकाथाना के महेंद्र सैनी का दोस्त है। महेंद्र ने ही उसे गिराेह के सरगना से मिलाया था।

लालच : पढ़ाई में होशियार, इसलिए गैंग की नजर में आया, सिर्फ 3 लाख रु मिलते
सामने आया है कि सांवरमल पढ़ाई में होशियार है। सिलेबस पर उसकी अच्छी पकड़ है। नीमकाथाना निवासी महेंद्र सैनी पांच साल पहले आरपीएमटी की तैयारी के लिए कोटा गया था। इसी दौरान इन लोगों का संपर्क हुआ। पेपर लीक करवाने और दूसरे अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलवाने वाला गिरोह होशियार मेडिकल छात्रों से ही संपर्क करता है।

इसीलिए सांवरमल से भी संपर्क किया गया। इसकी एवज में उसे दो से तीन लाख रुपए देने का लालच भी दिया गया। इसी लालच में वह आ गया। हालांकि पुलिस को अभी तक सांवरमल के खिलाफ पहले का कोई ऐसा मामला नहीं मिला है, लेकिन अब पुलिस उसकी पूरी छानबीन कर रही है कि वह क्यों और कैसे इन लोगों के संपर्क में आया। इस पूरे मामले में सीकर के भी सात जने गिरफ्तार हुए हैं। जिनमें से पांच पेपर लीक करवाते थे और दो सांवरमल की तरह ही बोगस अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देते थे।

आरोपी सांवरमल बनारस से मेडिकल काॅलेज में बीएमएस कर रहा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके परिजनाें काे फाेन कर जानकारी दी। उसका पिता नत्थूराम साेनी गांव में ज्वैलरी की दुकान चलाता है। बड़ा भाई भी दुकान पर ही काम करता है। सांवरमल तीन भाइयाें में दूसरे नंबर है। उससे छाेटा भाई नेवी में है। दस दिन पहले ही वह गांव आकर गया है। परिवार में किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि वह इस तरह के अपराध में शामिल है।

इधर, जेईएन भर्ती फर्जीवाड़े में पुलिस खाली हाथ, जब्त लैपटॉप में लगा है पासवर्ड
खेतड़ी नगर | जेईएन भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है। जिस आरोपी के कमरे से पुलिस को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के दस्तावेज आदि मिले वह अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है। मकान मालिक के पास से मिला उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है।

कमरे से आरोपी का एक लैपटॉप भी बरामद हुआ था, लेकिन इस पर पासवर्ड होने से पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस अब इसे तकनीकी मदद के लिए जयपुर भेजेगी। जहां इसका पासवर्ड खोला जाएगा।

गौरतलब है कि खेतड़ीनगर और सिंघाना पुलिस ने रविवार रात को बनवास गांव की प्रभात कॉलोनी में एक मकान पर दबिश देकर बंद कमरे से कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज और एक लैपटॉप बरामद किया था।

इन दस्तावेज में रविवार को हुई जेईएन भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र भी थे। कमरे में रहने वाला किराएदार मंडेरू टोडाभीम जिला करौली निवासी उत्तम लाल पुत्र बाबूलाल मीणा मौके से गायब था। जांच अधिकारी बुहाना सीआई महेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला परीक्षा में नकल गिरोह से जुड़ा लग रहा है।

इसकी हकीकत आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ सकेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मकान मालिक पुल्कित से भी आरोपी को फोन करवाए, लेकिन उसका नंबर बंद आ रहा है। पुलिस उसके गांव में घर पर भी गई, लेकिन वह वहां भी नहीं पहुंचा।

मकान मालिक से दलाल की जयपुर में हुई मुलाकात
बनवास की प्रभात कॉलोनी निवासी पुल्कित यादव की दलाल से मुलाकात जयपुर में होना बताई। पुलिस पुछताछ के दौरान पुल्कित यादव ने बताया कि जयपुर में सुबोध कॉलेज में पढाई करता था उस समय उत्तमलाल मीणा से मुलाकत हुई थी। तैयारी करने के नाम पर मकान किराये पर लिया था।

लैपटॉप जयपुर भेजा जाएगा
दलाल के कमरे से मिले लैपटॉप की डिटेल को निकालने के लिए पुलिस लैपटॉप का पासवर्ड खुलवाने के लिए जयपुर एफएसएल टीम की मदद लेगी। सीआई महेंद्र चौधरी ने बताया कि इस बात की पूरी संभावना है कि इस लैपटॉप में कई तरह की जानकारी है। इसी से इस पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। पुलिस उन लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। जिनके दस्तावेज कमरे से मिले हैं। ये सभी करौली, दौसा, सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं।

मकान मालिक पर भी कार्रवाई
इस मामले में मकान मालिक पर भी कार्रवाई हो सकती है। एएसपी वीरेंद्र मीणा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को किराए पर रखने से पहले नजदीकी पुलिस थाने में सूचित करना होता है, लेकिन इस मामले में मकान मालिक की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके खुलासे पर मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस का कहना है कि किरायेदार की सूचना नहीं दी थी।

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