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धरा गया बदमाश:सात दिन पहले चरखी दादरी में सरपंच की हत्या कर भागा बदमाश गिरफ्तार, कट्‌टा व पिस्टल जब्त

सूरजगढ़2 महीने पहले
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आरोपी महेश - Dainik Bhaskar
आरोपी महेश
  • सरपंच को मारी थी दस गोलियां, अलवर पुलिस ने भी घोषित कर रखा है ईनाम

हरियाणा के चरखी दादरी क्षेत्र के साहुवास गांव में सात दिन पहले निवर्तमान सरपंच की नृशंस हत्या के आरोपी एक बदमाश को पुलिस ने सूरजगढ़ में गिरफ्तार किया है। इसके पास से एक देशी कट्‌टा, एक पिस्टल और 11 कारतूस मिले हैं। ये बदमाश चिड़ावा बाइपास पर एक गले में घूम रहा था। पुलिस के अनुसार मुखबीर से सूचना के बाद इसे पकड़कर तलाशी ली गई तो इनके पास से यह हथियार मिले।

सरपंच की हत्या के लिए इसने उसे दस गोलियां मारी। जिसमें इसका एक साथी भी शामिल था। सामने आया है कि एक महीने पहले ही इसने अपने मौसा की भी हत्या की। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। एसएचओ अरूणसिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम को मुखबिर से सूचना मिली की हथियार लेकर एक संदिग्ध युवक घूम रहा है। जिस पर पुलिस ने चिड़ावा रोड बाइपास के पास एक गली में दबिश दी। जहां निमराणा (अलवर) निवासी महेश कुमार (25) पुत्र विजयपाल यादव पुलिस को देखकर भागने लगा।

इस पर पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास एक पिस्टल व एक देशी कट्टा तथा 11 जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में महेश कुमार ने बताया कि उसके खिलाफ अलवर व हरियाणा के विभिन्न थानाें दाे हत्याओं समेत 14 मामले दर्ज हैं। अलवर पुलिस ने उस पर तीन हजार रुपए का इनाम घाेषित कर रखा है। यहां यह फरारी काटने आया था। पकड़ने वाली टीम में एसएचओ अरूणसिंह सहित डीएसटी टीम प्रभारी एएसआई कल्याणसिंह, एचसी शशिकांत शर्मा, कांस्टेबल प्रदीप डागर, विक्रम व अंकित शामिल थे।

मंदिर देखने के बहाने सरपंच को मारी थी दस गोलियां

गिरफ्तारी आरोपी और उसे साथी ने 12 जून को चरखीदादरी के साहुवास गांव में निवर्तमान सरपंच संदीप कुमार की हत्या कर दी थी। सरपंच संदीप कुमार उस दिन दोपहर करीब 12 बजे कपूरी पहाड़ी पर स्थित मंदिर में गया था। महेश कुमार और उसका साथी भी इस मंदिर में पहुंचे। लोगों ने इनसे आने का कारण पूछा तो कहा कि मंदिर देखने आए हैं।

इस बीच ये संदीप कुमार के पास पहुंचे और उसको गोलियां मार दी। सरपंच को 10 गोलियां मारी गई थी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पांच साल पहले संदीप के भाई की भी हत्या की गई थी। हरियाणा का यह मामला गैंगवार से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने हरियाणा पुलिस को सूचना दे दी है।

एक महीने पहले मौसा की हत्या की : महेश शातिर बदमाश है। उसने एक महीने पहले अपने मौसा की हत्या कर दी थी। उस मामले में वह फरार है। अलवर पुलिस ने उस पर तीन हजार रुपए का ईनाम भी घोषित कर रखा है।
पिता आईटीबीपी में : पुलिस को उसने बताया कि उसके पिता विजयपाल आईटीबीपी में है। पारिवारिक छोटे-मोटे झगड़े होने से वह अपराध की दुनिया में आ गया और इसी के चलते उसने अपने मौसा की हत्या कर दी।

2011 से शुरू हुई थी गैंगवार

करीब 12 साल पहले शराब ठेकेदार संदीप कासनी और काला साहुवास के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद काला साहुवास ने 2011 में अपने साथियों के साथ मिलकर संदीप कासनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। संदीप की मौत का बदला लेने के लिए उसके छोटे भाई प्रदीप कासनी ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। जिसने अपनी गैंग के साथियों की मदद से सबसे पहले 11 अगस्त 2016 को ढाणी फौगाट निवासी काला साहुवास का राइट हैंड कहा जाने वाला खिलावनचंद की मंदिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इसके बाद प्रदीप कासनी फरार हो गया। वहीं एक साल बाद 3 जनवरी 2017 को प्रदीप ने अपने दोस्त पवन बौंद, लक्की दादरी व सतीश दुबलधन के साथ मिलकर काला साहुवास के घर में ही घुसकर गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी थी। इसके बाद सीआईए पुलिस ने प्रदीप कासनी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया था। जब से प्रदीप भिवानी जेल में ही बंद है।

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