खेती-किसानी:फसलों में डीएपी की जगह सिंगल सुपर फाॅस्फेट ज्यादा फायदेमंद

झुंझुनूं2 महीने पहले
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जिले में रबी फसलाें की बुआई का दौर शुरू हो गया है। रबी में सरसों व चना की फसल में डीएपी की मांग बढ़ने लगी है। अधिक मांग के चलते कृषि विभाग ने इस बार किसानों को डीएपी की जगह सिंगल सुपर फाॅस्फेट उर्वरक का उपयाेग करने की सलाह दे रहा है। इसके लिए प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत गांवों में लगाए जा रहे शिविरों में किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी बनाने के लिए काम में ली जाने वाली कच्ची सामग्री की कीमत बढ़ने के कारण इस समय डीएपी की आपूर्ति कम हो रही है। ऐसे में कई जगह डीएपी लेने के लिए किसानों की कतार देखी जा रही है। किसानों को इस मारामारी से बचाने के लिए कृषि उप निदेशक कार्यालय की ओर से सिंगल सुपर फाॅस्फेट काम में लेने की सलाह दी जा रही है।

विभाग के सहायक निदेशक डॉ. विजयपाल कस्वा ने बताया कि एसएसपी एक फाॅस्फाेरस युक्त उर्वरक है, जिसमें कि 16 प्रतिशत फाॅस्फेरस एवं 11 प्रतिशत सल्फर की मात्रा पाई जाती है। इसमें उपलब्ध सल्फर के कारण यह उर्वरक तिलहनी और दलहनी फसलाें के लिए लाभदायक हाेता है। साथ ही एसएसपी उर्वरक डीएपी की अपेक्षा सस्ता है और बाजार में आसानी से उपलब्ध हाे जाता है।

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