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बिजली विभाग:फिर भी डिस्काॅम फाल्ट निकालने के लिए ठेकेदार काे हर महीने देगा 50 लाख रुपए

झुंझुनूंएक महीने पहले
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  • जिले में 500 लाइनमेन के वेतन पर हर माह खर्च हो रहे हैं डेढ़ कराेड़ रुपए

डिस्काॅम की ओर से अब बिजली लाइन ठीक करने का काम ठेके पर दे दिया गया है। पहले यह शहराें में था अब इसे कस्बाई व ग्रामीण इलाकाें में भी निजी हाथाें में साैंपा जा रहा है। जिले में डिस्काॅम के पास 500 से अधिक कर्मचारियाें की टीम है, जो फाल्ट निकालने का काम करती है। इनकी तनख्वाह पर हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद फाल्ट निकालने के लिए डिस्कॉम को हर महीने ठेकेदार को 50 लाख रुपए चुकाने हाेंगे।

बिजली कर्मचारी इसके विराेध में आंदाेलन कर रहे हैं। इससे उपभाेक्ताओं की समस्या का कितनी जल्द समाधान हाेता है यह ताे आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इससे डिस्काॅम में झुंझुनूं जिले में प्रति माह 50 लाख रुपए का आर्थिक भार बढ़ेगा। अजमेर डिस्काॅम पर पर सालाना 88 कराेड़ का खर्चा अधिक आएगा। उपभाेक्ताओं के बिजली फाल्ट ठीक करने का काम पहले लाइनमैन के पास था। अब इससे हटाकर ठेके पर दिया जा रहा है।

यह काम एफआरटी (फाल्ट रिजाेल्वड टीम) के पास रहेगा। इसमें उपभाेक्ता डिस्काॅम के हेल्पलाइन नंबर पर फाेन कर अपनी शिकायत दर्ज कराकर बिजली फाल्ट ठीक करवा सकेगा। इससे उपभाेक्ता काे बेहतर सर्विस मिलने की संभावना है। डिस्काॅम पर कराेड़ाें रुपए का आर्थिक भार बढ़ेगा। जो आगे चलकर बिजली दर बढ़ने का कारण बन सकता है।

जिले में यहां पहले से चल रहा है एफआरटी सिस्टम
जिले में अब तक झुंझुनूं, चिड़ावा, पिलानी, सूरजगढ़, नवलगढ़, उदयपुरवाटी, खेतड़ी, खेतड़ी टाउन, मंडावा, बिसाऊ, बगड़ में एफआरटी कार्य ठेके पर चल रहा है। अब डिस्काॅम की अाेर से झुंझुनूं ग्रामीण, मलसीसर, चनाना, बड़ागांव, बबाई, खेतड़ी नगर, गुढ़ा, गुढ़ा ग्रामीण, नवलगढ़ ग्रामीण, सुलताना व बुहाना सब डिवीजन में एफआरटी कार्य ठेके पर दिए गए है। जिले में नवंबर में यह कार्य निजी हाथाें में चला जाएगा।

हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने के बाद सुधरेगा फाल्ट 18001806565 पर शिकायत की जाती है। यह शिकायत संबंधी क्षेत्र के जेईएन व एईएन के पास पहुंचती है। वहां से एफआरटी टीम के पास शिकायत दर्ज कर समाधान किया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि एफआरटी टीम के साथ डिस्काॅम का एक कर्मचारी भी रहेगा। एफअारटी टीम में एक पारी में तीन कर्मचारी तय किए गए हैं। यानी औसतन 6 से नाै कर्मचारी रहते हैं। इस लिहाज से 22 फीडराें पर डेढ़ साै से अधिक कर्मचारी रहेंगे।

साइड इफेक्ट, एफआरटी सिस्टम के बाद डिस्कॉम का खर्च बढ़ेगा, भार बिलों में जुड़ेगा

एफआरटी सिस्टम लागू हाेने से झुंझुनूं जिले में 500 तकनीकी सहायक कर्मचारियाें का काम प्रभावित हाे रहे हैं। तकनीकी सहायक काे 30 से 35 हजार रुपए वेतन मिलता है। यानी डेढ़ कराेड़ रुपए हर महीने वेतन पर खर्च करने के बाद भी फाॅल्ट ठीक करने के लिए 50 लाख रुपए हर महीने एक्सट्रा खर्च किए जा रहे हैं। अकेले अजमेर डिस्काॅम पर 11 जिलाें में इसके कारण 88 कराेड़ रुपए का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। डिस्काॅम की ओर से पिछले दिनाें झुंझुनूं, सीकर, नागाैर, अजमेर, भीलवाड़ा, चिताैड़गढ़, उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर व राजसमंद में 196 डिवीजन एफआरटी पर दिए गए है।
फायदा : अब रात को भी फाल्ट सुधारे जा सकेंगे
एफआरटी सिस्टम लागू हाेने से उपभाेक्ताओं खासकर ग्रामीण क्षेत्र के उपभाेक्ताओं काे फायदा हाेगा। अक्सर तकनीकी सहायक (लाइनमैन) की ड्यूटी दिन में सुबह आठ से शाम चार बजे तक रहती है। कई बार शाम के समय या रात में फाल्ट आने पर रातभर बिजली सप्लाई बाधित रहती है। एक साथ कई उपभाेक्ताओं की शिकायत हाेने पर कई घंटे लग जाते हैं। लेकिन निजी हाथाें में देने पर ठेकेदार के तीन कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं। शिकायत मिलने के कुछ घंटे बाद ही फाल्ट ठीक करते हैं। दिनरात कर्मचारी रहने से उपभाेक्ताओ की समस्या का समाधान जल्द हाेता है।

नुकसान : घाटे की आड़ में उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा भार
डिस्काॅम काे प्रति एईएन ऑफिस दाे लाख 10 हजार रुपए प्रत्येक माह देने हाेंगे। यानी अकेले झुंझुनूं जिले में 48 लाख रुपए का अतिरिक्त खर्चा आएगा। इसका असर कंपनी पर पड़ेगा। घाटे की आड़ में बिजली कंपनियां बिजली की रेट बढाकर उपभाेक्ताओं पर आर्थिक भार डालेगी।
इसलिए विरोध में हैं कर्मचारी : बिजली कर्मचारी इसका इसलिए विराेध कर रहे हैं कि ठेका प्रथा काे बढ़ावा मिलेगा। नई भर्ती बंद हाे जाएगी। कर्मचारियाें का महत्व खत्म हाेगा। निगम घाटे में जाएगा ताे इसका नुकसान बिजली कर्मचारियाें व उनके परिजनाें काे भुगतना पड़ेगा। पदाें में कटाैती हाेगी।
पहले जीएसएस ठेके पर दिए अब एफआरटी सिस्टम
डिस्काॅम की ओर से पहले जीएसएस ठेके पर दिए। अब एफआरटी लागू कर ठेके दिए जा रहे हैं। इससे अतिरिक्त भार बढ़ेगा। कंपनी का घाटा बढ़ेगा। इसकी आड़ में निजीकरण काे बढ़ावा दिया जाएगा। बिजली की रेट बढा दी जाएगी। इसका असर कर्मचारियाें व जनता पर पड़ेगा।
- नरेंद्र सिंह राठाैड़, प्रदेश मंत्री बिजली यूनियनअभी हैंडओवर नहीं किया, अगले महीने होगा लागू
एफआरटी का काम डिस्काॅम लेवल पर हुआ है। 24 घंटे सर्विस मिलने से उपभाेक्ताओं काे फायदा हाेगा। इसमें शिकायत के समाधान का समय तय हाेता है। जिसकाे ठेका मिला है उसे अभी हैंडओवर नहीं किया गया है। अगले महीने हैंडओवर किया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह शेखावत, एसई अजमेर डिस्काॅम

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