शिलान्यास:धनूरी में बनेगा कायमखानी समाज का पहला वार मेमाेरियल, 208 शहीदाें के नाम लिखेंगे

झुंझुनूं8 महीने पहले
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झुंझुनूं. धनूरी में शहीद स्मारक के लिए शहीदों के घर से लाई गई मिट्टी नींव में डालते हुए। - Dainik Bhaskar
झुंझुनूं. धनूरी में शहीद स्मारक के लिए शहीदों के घर से लाई गई मिट्टी नींव में डालते हुए।
  • शहीदों के गांव धनूरी में रखी नींव, 2 कराेड़ 8 हजार रुपए खर्च हाेंगे शहीद स्मारक पर

सर्वाधिक शहादत देने वाले धनूरी गांव में कायमखानी समाज का पहला वार मेमाेरियल बनाया जाएगा। इसमें कायमखानी काैम के प्रदेश के 208 शहीदाें के नाम और उनकी शाैर्य गाथा लिखी जाएगी। इस शहीद स्मारक की रविवार काे संगे बुनियाद (शिलान्यास) कार्यक्रम हुआ। जिसमें शहीदाें के घर से लाई गई मिट्टी काे नींव में डाला गया। शिलान्यास कार्यक्रम में शहीद परिवाराें, सैनिक परिवाराें से जुड़े लाेगाें ने शामिल हाेकर नींव की ईंट रखी।

दरअसल मुस्लिम समाज में शहीदाें की प्रतिमाएं नहीं लगाई जाती है। इसलिए प्रत्येक शहीद का स्मारक नहीं हाेता। इसलिए शहीदाें की याद काे चिरस्थाई बनाए रखने तथा युवा पीढ़ी काे देशभक्ति की प्रेरणा मिल सके इसलिए कायमखानी समाज की ओर शहीद स्मारक बनाने का निर्णय किया गया। इसके लिए सर्वाधिक शहादत देने वाले फाैजियाें के गांव धनूरी में शहीद स्मारक बनाने का निर्णय हुआ।

समाराेह में 14 वीं बटालियन आरएसी जयपुर के कमांडेंट आईपीएस अरशद अली खान, वाणिज्य कर विभाग के जाेइंट कमिशनर असलम खान, राजस्थान कायमखानी महासभा के संयाेजक कर्नल शाैकत अली खान, सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर परवेज अहमद हुसैन, कर्नल जमील अहमद खान, करगिल युद्ध के हीराे कैप्टन टीपू सुल्तान, कांग्रेस प्रदेश के पूर्व महासचिव शब्बीर खान, सूबेदार आजाद सिंह, कैलास सूरा, भंवरू खां भादरा, मालचंद राजपुराेहित अतिथि थे।

वक्ताओं ने कहा कि कायमखानी समाज का त्याग बलिदान का इतिहास रहा है। देश की रक्षा के लिए कायमखानी काैम के जवानाें ने हर युद्ध में अपनी बहादुरी की मिसाल दी है। इस अवसर पर शहीद स्मारक के लिए जमीन दान देने वाले मास्टर अरशद अली खान का अतिथियाें ने स्वागत किया। समाराेह में पूर्व सरपंच हाफिज खां, सैनिक कल्याण अधिकारी अनीस खान, असगर पहाड़ियान, परवेज फाैजी,कैप्टन लियाकत अली किढवाना, कैप्टन अलीहसन खान, मुबारिक हेबत, सूबेदार अजहर हुसैन उम्मेद खान गिडानिया समेत अनेक लाेग थे। संचालन अजहर हुसैन ने किया। निर्माण समिति के अध्यक्ष शब्बीर खान ने आभार जताया।

समाज के सभी शहीदाें के मैडल भी रखे जाएंगे
वार मेमाेरियल में कायमखानी समाज के सभी शहीदाें के नाम, जीवन परिचय एवं शहादत तथा शाैर्य की गाथाएं लिखी जाएगी। कर्नल शाैकत अली खान ने बताया कि 208 शहीद हुए है। चार शहीदाें समेत छह जवानाें काे वीर चक्र मिला है। धनूरी के मेजर एचएम खान काे 1971 में मरणाेपरांत वीरच्रक मिला है। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक मिले मैडल काे भी यहां संग्रहालय में रखा जाएगा।

धनूरी में बनने वाले शहीद स्मारक पर दाे कराेड़ 8 हजार रुपए खर्च हाेने का अनुमान है। यानी एक शहीद पर एक लाख रुपए का खर्च। इस राशि काे शहीद परिवार काे किसी भामाशाह काे गाेद देकर यह राशि जुटाई जाएगी। समाराेह के दाैरान कई पूर्व सैनिकाें, शहीदाें के बेटे, पिता व भाइयाें ने सहयाेग राशि दी। करगिल युद्ध के नायक रहे ब्रिगेडियर अजीत सिंह ने ऑडियाे संदेश भेजकर धनूरी में शहीद स्मारक बनाने के लिए लाेगाें काे बधाई दी।

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