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अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध:किढ़वाना में आलीशान मकान ध्वस्त करने के विराेध में कलेक्टर से मिले समाज के लाेग

झुंझुनूं2 महीने पहले
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झुंझुनूं. कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते अादिवासी मीणा समाज के लाेग। - Dainik Bhaskar
झुंझुनूं. कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते अादिवासी मीणा समाज के लाेग।
  • आदिवासी सेवा समाज ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन, पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की

सूरजगढ़ के किढ़वाना गांव में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का मीणा समाज ने विरोध कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। आदिवासी सेवा संघ के प्रदेश प्रधान एवं मीन सेना के प्रमुख सुरेश मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज आदिकाल से ही जल, जंगल, नदी- नालों का मूल निवासी रहा है।

किढवाना में जिस जगह पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। उस पर सरदार सिंह मीणा करीब 60 वर्ष से काबिज है। इसके बावजूद प्रशासन ने यह कार्रवाई कर उसका मकान तोड़ दिया। जो पूरी तरह से गलत है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ग्राम पंचायतों को सर्क्यूलर भी जारी किया था कि नदी-नालों में बसे आदिवासी लोगों को पट्टे जारी किए जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में चुपके-चुपके जो कारवाई की गई है वो उचित नहीं है।

समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि कानून में बदलाव कर वर्षों से जहां लोग बसे हुए हैं उन जमीनों का नियमन करना चाहिए। पीड़ित सरदार सिंह मीणा ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें फिर से आबाद किया जाए और डेढ करोड़ से अधिक नुकसान का मुआवजा दिया जाए।

इस मौके आदिवासी सेवा संस्थान के जिलाध्यक्ष भोपाल सिंह मीणा, आरक्षण मंच के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र मीणा, उदयपुरवाटी के पूर्व तहसील अध्यक्ष हजारीलाल मीणा गुड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मीणा, एडवोकेट राजेश मीणा, राजेश खटाणा और सुमेर गुर्जर मौजूद थे।

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