ऐसी ही हाेती है पुलिस:ये हैं जांबाज कमांडाे, लकवाग्रस्त हाेने के बावजूद कोरोना में निभा रहे हैं फर्ज

झुंझुनूं6 महीने पहले
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  • जिले के मंडावा निवासी मेहबूब खान 2015 में लकवा के शिकार हुए, जयपुर के झोटवाड़ा थाने में दे रहे हैं ड्यूटी

देश रक्षा की बात हाे या देश के लिए जान लगा देने की। झुंझुनूं जिले के जांबांजाें ने अपनी अमिट पहचान बनाई है। काेराेना काल में भी हमारे जवान इस तरह के कारनामे कर लाेगाें काे इस महामारी से बचाने के लिए अपनी परवाह किए बगैर अपने फर्ज काे अंजाम दे रहे हैं।

जिले के मंडावा निवासी राजस्थान पुलिस में कमांडाे मेहबूब खान ऐसे ही बहादुराें में शुमार किए जा रहे हैं। पुलिस का यह कमांडाे लकवा ग्रस्त है लेकिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक जयपुर की सड़क पर कोरोना काेराेना से बचाने के लिए डयूटी कर रहा है। मंडावा निवासी कमांडाे मेहबूब खान इन दिनाें वे अपनी बीमारी की परवाह किए बगैर लाेगाें की जान बचाने में जुटे हैं।

जज्बा : चल नहीं सकते, खड़े होने के लिए भी बैसाखी की जरूरत पड़ती है, फिर भी ड्यूटी मिस नहीं करते

जयपुर में झाेटवाड़ा थाना इलाके की खेमी फाटके पुलिस चाैकी प्रभारी कमांडाे मेहबूब खान जयपुर में डयूटी है। 1985 में पुलिस भर्ती हुए मेहबूब खान ने 1987 में आईटीबीपी मसूरी से कमांडो की ट्रेनिंग ली। वे तीस साल तक जनता की सेवा कर रहे थे। अचानक कमांडाे महबूब खान काे सितंबर 2015 को लकवा ग्रस्त हो गए।

उनके हार्ट व ब्रेन में लकवा हाेने से वे लगभग 45 दिन दुर्लभजी अस्पताल जयपुर में भर्ती रहे, जिनमें से 25 दिन तो कोमा में रहे। कमांडाे खान बताते है कि फिजियाे थैरेपिस्ट की ओर से कराई जाने वाली एक्सरसाइज और कमांडाे ट्रेनिंग के दाैरान मिले प्रशिक्षण का उन्हें फायदा मिला और दाे साल में उन्हाेंने खुद काे रिकवर कर लिया। उसके बाद वे अपनी ड्यूटी करने लगे।

हालांकि लकवे की वजह से आज भी उनके शरीर का बायां हिस्सा काम नहीं करता है लेकिन चुस्ती के साथ डयूटी करना उनकी जीवन में समा गया है। आज भी महबूब खान ढंग से चल नहीं सकते हैं, खड़े होने के लिए भी उनको बैसाखी की जरूरत पड़ती है और हरदम उनकी जेब में दवाइयां मिलती है, ड्यूटी पॉइंट पर उनके परिवार जन छोड़कर जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना काल में ड्यूटी मिस नहीं करते हैं।

कमांडाे मेहबूब खान का कहना है कि”शारीरिक दुर्बलता जरूर हो गई है लेकिन दिल और दिमाग से मैं आज भी कमांडो ही हूं...” जिस दिन हमने यह वर्दी पहनी थी ताे यही कसम खाई थी कि हम हर हाल में अपने फर्ज का अदा करेंगे। आज काेराेना महामारी से जनता काे बचाना हम सब का फर्ज है।

14 साल तक कई आईजी एवं डीआईजी का गनमैन रह चुके हैं : मेहबूब कमांडाे पुलिस के फुर्तीले जवानाें में शामिल रहे हैं। वे 14 साल तक कई आईपीएस के गनमैन रहे। मेहबूब कमांडाे तत्कालीन जयपुर रैंज द्वितीय के डीआईजी रहे पुखराज सिरवी, जसवंत संपतराम, कपिल गर्ग, आरएस ढिल्लाे, आईजी एसएन जैन, ओपी गल्हाेत्रा के सुरक्षा गार्ड रह चुके है। इसके अलावा हाईकाेर्ट जज जेके रांका के भी सुरक्षा गार्ड रहे।

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