सरकार, यह अधूरा सम्मान क्यों:छूट की यह शर्त बदलनी चाहिए क्योंकि महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा केवल साधारण व द्रुतगामी बसों में ही, एसी और वोल्वो में नहीं

झुंझुनूं9 महीने पहले
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महिला दिवस पर महिलाओं के सम्मान में दैनिक भास्कर की पहल, खत्म हो भेदभाव। - Dainik Bhaskar
महिला दिवस पर महिलाओं के सम्मान में दैनिक भास्कर की पहल, खत्म हो भेदभाव।

सरकार हर साल महिला दिवस और रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा का अधिकार देती है। यह अच्छी पहल है, लेकिन सरकार की इस पहल में भी महिलाओं को सुविधा के नाम भेदभाव किया जा रहा है। जिसके कारण रोडवेज की एसी और वाेल्वो बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा की यह सुविधा नहीं मिलेगी। ऐसे में वे केवल साधारण और द्रुतगामी बसों में ही इस एक दिन निशुल्क यात्रा कर सकेंगी।

दैनिक भास्कर ने इस मुद्दे पर कुछ प्रमुख महिलाओं से बातचीत भी की तो उनका कहना था कि जब हम महिला सम्मान और अधिकारों की बात करते हैं तो ऐसे विशेष दिवस पर सरकार को इस तरह की शर्त नहीं रखनी चाहिए। जिले के पिलानी से जयपुर के लिए दो एसी वोल्वो बसें चलती हैं। ऐसे में यदि सरकार इन बसों में छूट देती है तो बड़ी संख्या में जिले की महिलाओं को फायदा होगा।

छूट सिर्फ प्रदेश में ही

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं और बेटियाें काे राेडवेज की लाेकल और एक्सप्रेस बसाें में ही यात्रा के दाैरान किराया देने से छूट रहेगी। इनके अलावा वाेल्वाे, एसी और अन्य सुपर लग्जरी बसाें में यह छूट लागू नहीं रहेगी। सरकार पूरे साल में महिला दिवस और रक्षाबंधन पर इस तरह की छूट देती है। यह छूट प्रदेश की सीमा के भीतर यात्रा के लिए ही होती है।
महिलाओं ने कहा- यह शर्त निगेटिव सोच पैदा करती है

महिला खिलाड़ी व कोच नीलम कुमारी बताती हैं कि एक दिन की छूट अच्छी बात है, लेकिन फिर यह पूरी तरह से होनी चाहिए,क्योंकि इससे एक निगेटिव मैसेज निकलता है कि यह एक समान नहीं है। छात्रा पूनम शर्मा बताती हैं कि इससे सुविधाओं के नाम पर फर्क महसूस होता है। सरकार की मंशा यह होनी चाहिए कि इस एक दिन तो महिलाओं को देय सुविधाएं एक समान हों।

शिक्षिका डॉ. सुमन जानू का कहना है कि देखने में यह मामला बड़ा नहीं लगता, लेकिन इससे यह लगता है कि सरकार एक दिन का अधिकार भी सीमित रखना चाहती है। कॉलेज छात्रा मीनाक्षी जानू का मानना है कि जब सुविधा केवल एक ही दिन के लिए दी ही जा रही है तो उसमें किसी तरह की शर्त लागू नहीं होनी चाहिए।
सीएम के ध्यान में लाएंगे

  • सरकार महिला सम्मान व अधिकारों के प्रति बेहद संवेदनशील है। इसीलिए उनके हित में इस तरह के कदम उठाए जाते हैं। जो मुद्दा आप बता रहे हैं। वह भी महत्वपूर्ण है। इसे मुख्यमंत्री महोदय के ध्यान में लाया जाएगा। निश्चित रूप से सरकार इस पर सकारात्मक निर्णय करेगी। - संगीता बेनीवाल, अध्यक्ष, बाल आयोग
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