संकटों से लड़ना इस पेड़ से सिखिए:यह पेड़ गिरा फिर संभला; दो साल पहले अंधड़ से गिर गया था नीम का पेड़, हरा हुआ तो अब जेसीबी से वापस खड़ा किया

झुंझुनूं6 महीने पहलेलेखक: राजकुमार शर्मा
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दीवार के सहारे टिका नीम का पेड़, जो सूख गया था। अब वापस कौंपले आ गई। - Dainik Bhaskar
दीवार के सहारे टिका नीम का पेड़, जो सूख गया था। अब वापस कौंपले आ गई।

कस्बे में पुलिस थाने के पास स्थित श्री गोपाल व्यायामशाला में दो वर्षों से दीवार पर गिरा हुआ 70 साल पुराना नीम के पेड़ को फिर से जीवनदान मिला है। अंधड़ में उखड़े पेड़ की एकआध जड़ जमीन में रहने से उसमें फिर से नई कौंपलें आने लगी थी। वर्तमान में चारों तरफ ऑक्सीजन के लिए मारामारी मची है। ऐसे में लोगों ने 70 साल पुराने पेड़ को जेसीबी की मदद से फिर से खड़ा कर दिया। ताकि वह फिर से पुनर्जीवित हो सके।

इस मुहिम के मुख्य किरदार सूर्यप्रकाश पीपलवा ने बताया कि दो वर्ष पहले तेज आंधी की वजह से विशालकाय नीम का पेड़ गिर गया था। पेड़ गिरने के बाद इसका कुछ हिस्सा काट दिया था। लेकिन ये दीवार के सहारे टिका हुआ था। पेड़ अपनी नई पत्तियों के जरिए इस बात का संदेश देता रहा कि वह अभी जिंदा है। इस पर पीपलवा ने सोचा कि क्या यह नीम का पेड़ वापस खड़ा हो पाएगा।

इस बारे में लोगों से चर्चा की तो इसे फिर से खड़ा करने का जुनून सवार हाे गया। तब पारिवारिक सदस्य रमाकांत शर्मा जाखल, सीताराम पीपलवा, पूर्व पार्षद धर्मेन्द्र पारीक, राजकुमार पीपलवा, सदीक धोबी ने आदि ने नीम को वापस खड़ा करने की बात का समर्थन किया। इसके बाद जेसीबी की मदद से नीम को वापस पुराने स्थान पर खड़ा कर दिया। अब इस पेड़ की सेवा की जा रही है।

दिया बड़ा संदेश
एक तरफ जहां पर देशभर में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, वहीं वार्ड सात से निकल रही यह खबर बड़ा सुकुन व बड़ा संदेश देती है। वार्ड सात के लोगों ने इस पेड़ काे वापस खड़ा कर इस बात का संदेश दिया कि आप वर्षों पुराने पेड़ों का अपने बुजुर्गों की तरह ख्याल रखें और उनके जिंदा होने तक उनकी सेवा करें।

अक्सर यह देखने में आता है कि आंधी या अन्य वजह गिरे हुए पेड़ों को तुरंत प्रभाव से काट दिया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए, पहले यह देखना चाहिए कि क्या यह पेड़ वापस खड़ा किया जा सकता है। इस बारे में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों से मदद ली जानी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के लिए नए पेड़-पौधे लगाने के चाहिए, लेकिन पुराने वृक्षों को भी बचाने का संकल्प हम सबको लेना होगा।

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