पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कोरोना नियंत्रण का ब्लूप्रिंट:तीसरी लहर का इलाज 12 सीएचसी में, 8 करोड़ खर्च कर बढ़ाएंगे इंतजाम

झुंझुनूं13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
झुंझुनूं. बीडीके में निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट। - Dainik Bhaskar
झुंझुनूं. बीडीके में निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट।
  • 3 करोड़ से मशीनें खरीदेंगे, 5 करोड़ से इंफ्रास्ट्रेक्चर तैयार करेंगे

कोरोना की दूसरी लहर से अब सरकारें सबक ले रही है। पिछले करीब ढाई महीने से संसाधनों की बुरी तरह कमी झेल रहे चिकित्सा विभाग के लिए अब प्लान तैयार किए जा रहे हैं और बजट दिया जा रहा है। दूसरी लहर में जिले में केवल बीडीके अस्पताल में ही मरीजों के इलाज के इंतजाम किए गए थे। जिससे ना केवल बेड कम पड़े बल्कि मरीजों को समय पर ऑक्सीजन तक नहीं मिल पाई और कई लोग की जान गई।

लेकिन अब तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तय किया गया है कि सभ आठ ब्लॉक मुख्यालयों और 27 में से तीन सीएचसी पर भी कोरोना का इलाज किया जाए। इसमें 8 ब्लॉक मुख्यालय चिड़ावा, बुहाना, झुंझुनूं, नवलगढ़, उदयपुरवाटी,, सूरजगढ़, खेतड़ी व मलसीसर शामिल हैं। इनके साथ ही मुकुंदगढ़ गुढ़ा, मंडावा व बगड़ के अस्पतालों को इलाज के लिए तैयार किया जाएगा।

इसके लिए चिकित्सा विभाग ने विशेषज्ञों की मदद एक ब्ल्यू प्रिंट तैयार किया है। जिसमें बताया गया है कि इन 12 सीएचसी में किन किन मशीनों की जरुरत होगी और क्या इंफ्रास्ट्रेक्चर खड़ा करना होगा। इन सबके लिए 8 करोड़ के बजट की जरुरत बताई गई है। यह प्लान हाल फिलहाल कलेक्टर को भेजा गया है।

जिले के 10 सरकारी अस्पतालों में 15 ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे

10 सरकारी अस्पतालों में अगस्त तक 15 ऑक्सीजन प्लांट लग जाएंगे। इसके बाद हर दिन 745 सिलेंडर जितनी ऑक्सीजन सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होगी। सर्वाधिक चार ऑक्सीजन प्लांट जिला अस्पताल बीडीके में बन रहे हैं। नवलगढ़ के उप जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे।

बिसाऊ में 85 और पिलानी में 50 सिलेंडर की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट तैयार होगा। खेतड़ी, चिड़ावा, गुढ़ा, उदयपुरवाटी, मुकुंदगढ़ व मलसीसर के सरकारी अस्पतालों में 35-35 सिलेंडर की क्षमता के प्लांट बनेंगे। सभी प्लांट 30 अगस्त तक चालू हो जाएंगे।

तैयारियां तेजी से : दो महीने में पूरा करेंगे काम

  • 230 नए ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जिला अस्पताल बीड़ी के में 100 बेड तथा नवलगढ़ के उप जिला अस्पताल में 30 बेड बनाए जाएंगे। अन्य अस्पतालों में 10-10 बेड तैयार होंगे।
  • हर अस्पताल में एक- एक वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ लगाया जाएगा। इनमें बीडीके अस्पताल में पहले से ही शिशु रोग विशेषज्ञ नियुक्त हैं। इनके अलावा हर अस्पताल के लिए 8-8 नर्सिंगकर्मी लगेंगे।

मेडिकल उपकरण : वेंटिलेटर और सीपैप मशीनें मांगी
सभी अस्पतालों से मेडिकल उपकरणों की जानकारी मांगी गई थी। जिनमें वेंटीलेटर, सीपैप, बायोपैप मशीनें, ऑक्सीजन सुविधाएं, बेड, दवाएं, सर्जिकल उपकरण, जांच की मशीनें शामिल हैं। जिस पर चिकित्सा विभाग ने जिले में करीब 3 करोड रुपए के बजट की जरूरत बताई है।

सिविल वर्क : 5 करोड़ रुपए का बजट मांगा
8 ब्लॉक मुख्यालय के साथ चार अन्य अस्पतालों में सिविल वर्क कराना होगा। इसमें वार्डों में तैयारी, ऑक्सीजन प्वाइंट बनाने, मशीनों के लिए स्ट्रक्चर समेत अन्य निर्माण कार्य कराए जाने हैं। अस्पतालों की डिमांड के अनुसार पर लगभग 5 करोड़ रुपए का बजट खर्च करना पड़ेगा।

कहां कितनी ऑक्सीजन का होगा उत्पादन-

अस्पताल क्षमता (सिलेंडर में)
बीडीके 35
बीडीके 65
बीडीके 50
बीडीके 100
एसडीएच 50
एसडीएच 100
पिलानी 50
बिसाऊ 35
बिसाऊ 50
खेतड़ी 35
चिड़ावा 35
गुढ़ा 35
उदयपुरवाटी 35
मुकुंदगढ़ 35
मलसीसर 35

खबरें और भी हैं...