अनूठी मिसाल / लाडनूं में दूल्हा-दुल्हन ने निभाई परस्पर मास्क बांधने की नई रस्म

नावां. वार्ड संख्या दो में दूल्हों को नेग के रूप में नारियल व 1 रुपया देते हुए। नावां. वार्ड संख्या दो में दूल्हों को नेग के रूप में नारियल व 1 रुपया देते हुए।
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नावां. वार्ड संख्या दो में दूल्हों को नेग के रूप में नारियल व 1 रुपया देते हुए।नावां. वार्ड संख्या दो में दूल्हों को नेग के रूप में नारियल व 1 रुपया देते हुए।

  • शादी में दहेज प्रथा को नकार मात्र 1 रु. व नारियल का दस्तूर निभाया

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

लाडनूं. कोरोना महामारी के प्रति ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी सजग हो चुके हैं, इसका उदाहरण यहां धोलिया गांव से रिडमलास गांव आई बारात के दौरान देखने को मिला। बारात के लिए यहां वधुपक्ष की ओर से बारातियों के लिए मास्क व सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई थी, वहीं स्टेज प्रोग्राम में वरमाला पहनाने की रस्म से पहले एक ओर नई रस्म-अदायगी भी की गई, जिसमें वधु ने वर को मास्क पहनाकर और वर ने वधु को मास्क पहनाकर सबको कोरोना से बचाव का संदेश दिया।

इस शादी की इसके अलावा एक और विशेषता यह रही कि इसमें वर पक्ष ने दहेज स्वीकार करने से इंकार कर दिया और मात्र एक रुपया और नारियल लेकर रस्म निभाई। धोलिया निवासी दूल्हे अशोक कुमार जाखड़ के पिता ओमप्रकाश जाखड़ ने बताया कि उनके गांव में रिद्धकरण बेनीवाल व सोहनलाल रिणवां की पहल पर पूरे गांव ने एक बैठक करके शादियों में दहेज के लेने व देने को आपत्तिजनक बताया और तय किया कि सभी ग्रामवासी ऐच्छिक रूप से दहेज प्रथा बंद करे। इस निर्णय की उन्होंने पूरी तरह से पालना की है।

उनका दूल्हा पुत्र ओमप्रकाश भी दहेज की शादी के खिलाफ है। दूल्हा एम.ए. पास है और बीएसएफ में रेडियो आफिसर के पद पर सेवारत है और दुल्हन ममता पुत्री नेमीचंद ढेवा भी शिक्षित है, वह बीए-बीएड उतीर्ण है। ओमप्रकाश के साथ ममता भी दहेज प्रथा के खिलाफ है और दोनों मिलकर समाज को आदर्श शादी का संदेश देना चाहते हैं।

दुल्हन के पिता नेमीचंद ढेवा भी दहेज प्रथा को एक सामाजिक बुराई मानते हैं तथा विवाह में दहेज को केवल एक दिखावा व फिजूलखर्ची के रूप में कुरीति बताते हैं। इस शादी में धोलिया सरपंच मोतीराम थालोड़, रामगोपाल जाखड़, हरकचंद, नंदलाल, गोविंद राम, रामेश्वर ठोलिया बालसमंद, हरिगोपाल रींगण, भंवरलाल ढेवा, गजेंद्र ढेवा, दिनेश ढेवा आदि ने नव-दम्पती को आशीर्वाद दिया और दहेज विरोधी एवं मास्क बांधने की रस्म की सराहना की।

नावां : लॉकडाउन की पालना करते हुए एक रुपया व नारियल देकर बिना दहेज के करवाया विवाह संपन्न
नावां सिटी| शहर के वार्ड संख्या दो में सोमवार को रामप्रसाद कुमावत की ओर से लॉकडाउन की पालना करते हुए बिना दहेज दिए एक रुपए व नारियल देकर अपनी दो बेटियों को विदा किया गया। कोरोना वायरस संक्रमण के तहत लगे लॉकडाउन में सरकार की ओर से विवाह सम्पन्न करवाने के लिए विवाह समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति पर रोक है।

इस लॉकडाउन में होने वाले विवाह में अधिकतर लोगों ने रूढ़िवादी परम्पराओं को तोड़ने की मिसाल पेश की है। विवाह के लिए बारात मोहनपुरा सीकर निवासी सुवालाल कुमावत के यहां से आई, जिसमें दोनों दूल्हों ने दहेज स्वरूप एक रुपया व नारियल लेकर ही विवाह संपन्न करवाया। वर सुनील व अनिल तथा वधु प्रियंका व ऋतु कुमावत बिना दहेज की शादी के सात फेरों के बंधन में बंधे।

दूल्हों के पिता ने कहा कि जब एक परिवार से दूसरा परिवार जुड़ता है तो उसमें हमें उन्हें आर्थिक कर्ज व बोझ तले दबाने के बजाय उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहना चाहिए, इसी सोच के साथ मेरे पुत्रों की शादी में हमने कोई दहेज नहीं लिया। इस मौके पर देवीलाल कुमावत, महेंद्र कुमावत, मोहन खोखर, गोपाल लाल कुष्मीवाल, रामचंद्र कुमावत व समाज के बंधुजन उपस्थित रहे।

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