विश्व सर्प जागरूकता दिवस:लक्ष्मणगढ़ में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित, कोबरामेन कैलाश सैनी ने सांपों के बारे मे दी उपयोगी जानकारी

लक्ष्मणगढ़6 महीने पहले
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लक्ष्मणगढ़ में विश्व सर्प जागरूकता दिवस पर मंगलवार को राष्ट्रीय समूह " मिशन स्नेक बाईट डेथ फ्री इंडिया " द्वारा ऑनलाइन राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय सुरक्षित सर्प रेस्क्यू एवं सर्पदंश शमन था, जिसमें लक्ष्मणगढ़ के कोबरा मेंन सर्प विशेषज्ञ कैलाश सैनी को बतौर मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।

सैनी ने बताया कि सांपो का सुरक्षित रेस्क्यू किस प्रकार किया जाये एवं क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए, ताकि सांप और इंसानों दोनों को सुरक्षित कर सके। सांप हमारे मित्र होते हैं। पर्यावरण के संतुलन में सांपो की अति महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमारे खाद्यान्न(खेतों में खड़ी फसलो एवं भंडारित अनाज) को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों को खाकर हमारी फसलो एवं खाद्यान्न को सुरक्षित करते हैं।

उन्होंने बताया कि ये सांप चूहों से फैलने वाली बीमारियों से भी मानव समुदाय को सुरक्षित करते हैं। सांपों के विष का प्रयोग विभिन्न प्रकार की दवाइयां बनाने में भी किया जाता है। सैनी ने बताया कि सांपों का रेस्क्यू करने के लिये सांपों की पर्याप्त जानकारी होना, उनकी पहचान होना बहुत जरूरी हैं। रेस्क्यू करते समय विशेष उपकरणों (स्नेक टॉन्ग, स्नेक हुक, स्नेक बैग आदि) का उपयोग किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोगों को सांपो के बारे में जागरुक करना, अंधविश्वासों को दूर करना भी हमारा मुख्य उद्देश्य हैं ताकि सर्पदंश से बचा जा सके। कार्यक्रम के को-ऑर्डिनेटर प्रो. केके शर्मा, पूर्व वाईस चांसलर , (M D S यूनिवर्सिटी अजमेर ) ने सेमिनार का संचालन किया।

सेमिनार में भारत के प्रसिद्ध सर्प वैज्ञानिकों डॉ. पॉलराज तमिलनाडु, डॉ. एम सी सत्यनारायना तमिलनाडु, डॉ. गनेश तमिलनाडु, डॉ. नीरज कुमार बिहार, डॉ. आशीष त्रिपाठी उत्तर प्रदेश, डॉ. नेहा शर्मा, जयपुर, डॉ. प्रत्युष महापात्रा वेस्ट बंगाल, प्रो. प्रवत्ति महापात्रा ओडिशा, डॉ. नितिन सावंत गोवा, अमित भट्ट पुष्कर, श्रीनिवास मुर्थे मध्यप्रदेश, संजय शुक्ला दिल्ली, डॉ. विकास टेलर भीलवाड़ा और डॉ. विवेक साहू अंडमान थे।

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