दो साल बाद बुद्ध पूर्णिमा पर होगी वन्यजीव गणना:वाटर होल पद्धति के माध्यम से होगी गणना, वन विभाग के कर्मचारी 24 घंटे तक तैनात रहेंगे मचान पर

नीमकाथाना7 महीने पहले
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नीम का थाना वन क्षेत्र में वन्यजीव गणना सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा की चांदनी में होगी। वॉटर पद्धति के माध्यम से वन्य जीवों की गणना की जाएगी। वन विभाग के कर्मचारी लगातार 24 घंटे मचान पर बैठकर वन्यजीवों की गिनती करेंगे।

24 घंटे तक की जाएगी गणना

आज से शुरू होने वाली वन्य जीव गणना सुबह 8 बजे से कल सुबह 8 बजे तक वन्यजीवों की गणना की जाएगी। गणना के लिए वन विभाग द्वारा कई जगहों पर मचान तैयार किए गए है। जहां से वन्य जीवों पर नजर रखी जाएगी।

गणना वाटर होल पद्धति के आधार पर होगी

क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रवण बाजिया ने बताया कि वन्य जीव गणना वाटर होल पद्धति के आधार पर की जाती है क्योंकि वन्य जीव गणना में मुख्य आधार सभी जल स्रोत होते हैं। वन क्षेत्रों में वन विभाग की ओर से वाटर पॉइंट बनाए जाते हैं। जहां पर वन्य जीव पानी पीने के लिए आते हैं। चांदनी रात में आने वाले वन्य जीवों की गिनती की जाती है। वन विभाग की ओर से वन्य जीव गणना की तैयारियां पूरी कर ली गई है। वन्य जीवों को चार श्रेणी में बांटा गया है। मांसाहारी, शाकाहारी, पक्षी, रेप्टाइल श्रेणी में वन्य जीवों को विभक्त किया गया है।

12 पॉइंटों व मचान से 24 कार्मिक रखेंगे नजर

वन्यजीव गणना के लिए वन विभाग ने 12 पॉइंट चिन्हित किए है। चिन्हित पॉइंटों पर 24 कार्मिकों को तैनात किया है। जल स्रोतों के पास मचान तैयार किए गए। 24 घंटे की वन्यजीव गणना के आंकड़े एकत्रित करके वन मुख्यालय भेजे जाएंगे। गणना के बाद आंकड़ों की अधिकारियों की ओर से तुलना की जाएगी। वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो वन विभाग के लिए खुशख़बरी की बात होगी। वनकर्मियों को वन्य जीव गणना का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

वहीं वाटर पाइंट पर आने वाले दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों की फोटोग्राफी की जाएगी। गणना में सियार, मरू बिल्ली, लोमड़ी, भेडिय़ा, नीलगाय, सेही,बंदर आदि शामिल हैं। अधरशिला, बालेश्वर, भीतरली गांवड़ी, कुईयां, सैदाला एनिकट पर फोटोग्राफी कैमरे लगाए है।

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