डीजल-पेट्रोल की तस्करी:स्टेट हाईवे पर बायो-डीजल के नाम पर अवैध रूप से बेच रहे थे पेट्रोल-डीजल, पंप सीज, संचालक पर केस दर्ज

नीमकाथाना2 महीने पहले
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नीमकाथाना. बॉयो डीजल पंप को सील करते जांच टीम में शामिल अधिकारी। ‌ - Dainik Bhaskar
नीमकाथाना. बॉयो डीजल पंप को सील करते जांच टीम में शामिल अधिकारी। ‌
  • 4 बैरल में भरा था 800 लीटर पेट्रोल, 2 साल पहले बंद कराया, फिर शुरू कर दिया

स्टेट हाइवे पर जीरकीघाटी में श्रीराम फिलिंग स्टेशन भराला मोड़ पर बायो-डीजल के नाम पर अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल बेचने पर पंप को सीज कर दिया गया। बायोफ्यूल प्राधिकरण जयपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेद्रसिंह, तहसीलदार सत्यवीर यादव एवं रसद विभाग के अधिकारियों की टीम ने जांच में गड़बड़ी मिलने पर यह कार्रवाई की। फिलिंग स्टेशन पर तस्करी कर दूसरे राज्यों से लाया गया पेट्रोल-डीजल बेचने की शिकायत मिली थी। मौके पर बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल का स्टॉक मिला है।

चार बैरल व दो भूमिगत टैंकों में भरे पेट्रोल-डीजल को जब्त किया गया है। बरामद पेट्रोल-डीजल का नाप नहीं हो सका हैं। चार बैरल में 880 लीटर पेट्रोल भरा था। प्रत्येक बैरल में 220 लीटर पेट्रोल है। जांच की भनक लगने पर भराला निवासी नरेश कुमार वर्मा पुत्र मूलचंद वर्मा मौके से भाग गया। पेट्रोल पंप कोटपूतली के कृष्ण बसाना व भवानी कसाना का बताया जा रहा है।

प्रवर्तन निरीक्षक सुनीता शर्मा ने बताया कि मौके पर दो डिस्पैचिंग यूनिट है। जिनसे पेट्रोल-डीजल बिक्री किया जा रहा था। दो भूमिगत टैंक बने हैं, जिनमें अवैध पेट्रोल-डीजल भरा है। मौके पर कोई दस्तावेज व अनुज्ञापत्र नहीं मिला। पेट्रोल-डीजल खरीद के दस्तावेज भी नहीं मिले। जांच दल ने मौके से सैंपल लिए। दोनों टैंकों को सील किया गया। पंप पर मिले चारों बैरल को भी सील कर दिया गया है।

बायोफ्यूल प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तहसीलदार सत्यवीर यादव को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं विस्फोटक सामग्री अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। जांच के दौरान पेट्रोल पंप पर सुरक्षा उपकरण भी नहीं मिले। श्रीराम फिलिंग स्टेशन संचालकों के खिलाफ तहसीलदार सत्यवीर यादव ने सदर पुलिस थाने मे बिना स्वीकृति पेट्रोल-डीजल बिक्री करने, आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं विस्फोटक सामग्री अधिनियम में मामला दर्ज करवाया है।

रोज 25 हजार का पेट्रोल-डीजल बेचते थे
स्टेट हाइवे पर बॉयो डीजल के नाम पर पेट्रोल-डीजल का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। पेट्रोल-डीजल तस्करी कर दूसरे राज्यों से लाया जा रहा था। पेट्रोल पंप पर मिले नरेन्द्र वर्मा ने जांच दल को बताया कि हर दिन करीब 25 हजार का पेट्रोल-डीजल बिकता था। मंगलवार को 6 हजार की बिक्री हुई थी तभी कार्रवाई हो गई।

भराला मोड़ पर दो साल से बायो-डीजल पंप संचालित है। पूर्व में रसद विभाग की टीम व एसडीएम ने पेट्रोल-डीजल बिक्री नहीं करने के लिए पाबंद किया था। लेकिन उसकी लगातार शिकायते आ रही थीं। बायोफ्यूल प्राधिकरण में भी अवैध पेट्रोल-डीजल बिक्री की शिकायतें हुई हैं। जिप पर कार्रवाई करते हुए पंप संचालक के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है।
सुनीता शर्मा, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग

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