चार बच्चों की फॉरेस्ट गार्ड ने बचाई जान:पहाड़ी पर फल तोड़ने के लिए गए थे; अब तीनों गार्ड्स को किया जाएगा सम्मानित

नीमकाथाना15 दिन पहले
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नीमकाथाना इलाके में एक फॉरेस्ट गार्ड ने आज 4 बच्चों की जान बचा ली। पहाड़ी पर फल तोड़ने के लिए गए 4 बच्चों ने जब पैंथर को देखा तो वह डर गए जिसके बाद घबराकर वह एक स्थान पर बैठ कर रोने लगे। जब बच्चों के रोने की आवाज वहां से गुजर रहे फॉरेस्ट गार्ड शीशराम गुर्जर ने सुनी तो तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे। और चट्टान से चारों बच्चों को नीचे लेकर आए।

गार्ड्स ने चार बच्चों को बचाया

गणेश्वर के आगरी क्षेत्र की ढाणी बारियाला के रहने वाले चार बच्चे आरती कंवर, मोनी कंवर, उपेंद्र सिंह, अशोक गुर्जर रविवार को सुबह 10 बजे घर से कोकस माता की पहाड़ी की तरफ फल तोड़ने के लिए निकले थे। पहाड़ी की तरफ जाने पर बच्चों ने देखा कि पेड़ के नीचे दो पैंथर भी आराम कर रहे थे। बच्चों की आवाज सुनकर पैंथर भी खड़े हो गए। बच्चों की नजर पैंथर की तरफ गई तो बच्चें घबरा गए, जिसके बाद बच्चे पास में एक चट्टान पर एक साथ बैठ गए। इसी बीच फॉरेस्ट गार्ड जंगल की रखवाली करते हुए उधर आए बच्चों की रोने की आवाज सुनकर वन चौकीदार शीशराम गुर्जर अनिल स्वामी वन पाल रामकुमार गुर्जर आनन फानन में पहाड़ी की ऊंचाई की तरफ दौड़े। जैसे ही वन चौकीदार मौके पर पहुंचे तो बच्चे उन पर लिपट गए और उंगली से पेड़ों की तरफ इशारा किया। फॉरेस्ट गार्ड ने पत्थर फैंके तो पैंथर पेड़ों में ओझल हो गए।

फॉरेस्ट गार्ड ने बच्चों को पानी पिलाया और फोन से उनकी ढाणी में सूचना दी। वन चौकीदारों ने चारों बच्चों को सकुशल पहाड़ी से उतार कर घर छोड़कर आए। वनपाल हरलाल सिंह खीचड़ ने बताया कि तीनों वन चौकीदारों को सम्मानित किया जाएगा।

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