मानरेगा श्रमिकों का प्रदर्शन:नीम का थाना में कम मजदूरी मिलने पर मजदूरों ने सड़क जाम की, समझाइश के बाद माने

नीमकाथाना4 महीने पहले

नीम का थाना की निकटवर्ती ग्राम पंचायत भूदोली में शनिवार को मनरेगा श्रमिकों ने कम मजदूरी मिलने पर सड़क मार्ग अवरुद्ध कर रोष जताया।

श्रमिकों ने आरोप लगाया कि गांव भूदोली में चल रहे मनरेगा कार्यों में मजदूरों ने पूरा कार्य किया है जिसकी नियमानुसार मजदूरी प्रतिदिन 220 रुपए होती है। हालांकि, श्रमिकों के खातों में 48 रुपए, 50 रुपए, और 57 रुपए ही आए हैं। यह राशि श्रम के अनुसार बहुत कम है। श्रमिकों ने बताया कि कार्य के दौरान ज्यादा क्षेत्र माप कर देने के बाद भी उचित मेहनताना नहीं मिल रहा है।

इसी कारण शनिवार को करीब सुबह 10 बजे भूदोली के सामने मनरेगा श्रमिकों का झुंड एकत्रित होने लगे। श्रमिकों की बढ़ती भीड़ ने नीम का थाना-थोई सड़क मार्ग पर बड़े-बड़े पत्थर लगाकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस प्रशासन को इसकी भनक देरी से लगी।

मनरेगा श्रमिकों ने विकास अधिकारी का घेराव कर खरी खोटी सुनाई। कम मजदूरी से संबंधित अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला अचेत होकर गिर गई जिसके बाद उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया।

सदर पुलिस थानाधिकारी कस्तूर वर्मा ने बताया कि मनरेगा श्रमिक कम मजदूरी मिलने पर ग्राम पंचायत के सामने सड़क अवरुद्ध कर विरोध कर रहे थे। समझाइश के बाद श्रमिकों को सड़क से हटा दिया गया है। अब मार्ग सुचारू रूप संचालित है।

विकास अधिकारी राजू राम सैनी ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों की कम मजदूरी आने के कारण श्रमिक ग्राम पंचायत के सामने एकत्रित हुए। जे.टी.ए. द्वारा किए मूल्यांकन की दुबारा जांच करवाई जाएगी। कम मजदूरी आने की जांच करवाई जायेगी। भविष्य में माप के अनुसार ही मजदूरी दी जाएगी।

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