एक ऐसा गांव, जहां चोर आने से भी डरते:1200 की आबादी पर 100 सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट से चमकता

सीकर5 महीने पहले

एक गांव ऐसा है, जहां चोर भी आने से डरते है। पहले यहां आए दिन चोरी की वारदात होती थी। चोर रात के अंधेरे और सूने घरों को निशाना बनाकर बकरी, कार सहित सोने के गहने व लाखों की नगदी चोरी कर भागे जाते थे। पुलिस भी पहचान नहीं होने पर पकड़ने में नाकाम हो रही थी। इस पर ग्रामीणों ने मिलकर चोरों को सबक सिखाने का बीडा उठाया। आज हालात ये है कि, चोरी के मामलों में कमी आई है।

दरअसल, सीकर से कुछ दूरी पर नवलगढ़ रोड पर कटराथल गांव है। इस गांव की आबादी 1200 है। दो साल से इस गांव में न के बराबर चोरी हुई है। गांव वालों का कहना है कि 2020 से पहले चोरी की कई वारदात हुई। जिसमें कई घरों से बकरियां, गाड़ी, गहने तक चोरी कर बदमाश ले गए। 5 जून 2020 में सभी ने मिलकर पूरे गांव में 100 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए। अब चोर भी गांव में आने से कतराने लगे है। एबुलेंस और ई-रिक्शा भी लगाया गया है। रात के समय पूरा गांव स्ट्रीट लाइट की रोशनी में चमकता है।

ग्रामीणों ने रुपए एकत्रित कर पूरे गांव में करीब 100 सीसीटीवी कैमरे लगवाए।
ग्रामीणों ने रुपए एकत्रित कर पूरे गांव में करीब 100 सीसीटीवी कैमरे लगवाए।

दो साल में चोरी के मामलों में आई कमी
दादिया थाने के पुलिस अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि गांव में सीसीटीवी लगने के बाद चोरी की घटनाओं में कमी आई है। पिछले दो सालों में चोरियों का ग्राफ नीचे आया है। ग्रामीणों की पहल से चोरी के साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी विराम लगा है। उन्होंने कहा कि पहले सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण चोर सुनसान जगह का फायदा उठाते थे और चोरी कर भाग जाते थे। अब सीसीटीवी कैमरे लगे होने से आने में कतराते है।

हर गली चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा
गांव के ही मोबिन मिर्जा ने बताया कि वह मुंबई में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करते है। कोरोना में लॉकडाउन के दौरान करीब 9 महीने तक गांव में ही रहे थे। इस दौरान गांव में बढ़ती चोरी की वारदात के बारे में पता चला। चोर रात के अंधेरे में बकरियां, गाड़ियां, और बाइक चोरी कर ले जाते थे। पुलिस भी चोरों को पकड़ने में नाकाम रही। इस पर गांव वालों ने मिलकर बाजार चौक, छतरी कुआ चौक, कुमावतों का मौहल्ला, नाडिया चौक, योगियों की बनी चौक, गोदाम स्टैंड, दौलतपुरा स्टैंड, कटराथल स्टैंड, गोगामेडी चौक, नाईयों का मौहल्ला,खंडेलवालों का चौक सहित सभी चौक पर करीब 100 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए। अब पूरा गांव सीसीटीवी कैमरों की नजर में है।

बुजुर्ग और बच्चों को ले जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था भी लगाई गई।
बुजुर्ग और बच्चों को ले जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था भी लगाई गई।

एंबुलेंस और ई-रिक्शा भी लगाया
सीसीटीवी कैमरे के अलावा एक एंबुलेंस को भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सीकर से एंबुलेंस को बुलाया जाता था। अब गांव का कोई भी व्यक्ति बीमार होता है तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जाता है। गांव के सभी लोगों के पास एंबुलेंस ड्राइवर का नंबर है। ड्राइवर को भी गांव के ही एक दानदाता हर महीने आठ हजार रुपए सैलरी देते है। बुजुर्ग और बच्चों को लाने ले जाने के लिए ई-रिक्शा को भी खरीदा है। यह ई-रिक्शा गांव में रहता है और लोगों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचाने का काम करता है।

नालियों में टाइल,स्ट्रीट लाइट और सीमेंट की बैंच सहित कई विकास कार्य करवाये।
नालियों में टाइल,स्ट्रीट लाइट और सीमेंट की बैंच सहित कई विकास कार्य करवाये।

लाखों रुपए के विकास के काम करवाए
ग्रामीणों के सहयोग से गांव में 10 लाख रुपए के विकास के काम हो चुके है। 52 स्ट्रीट लाइट, 6 वाटर कूलर, बैठने के लिए करीब 50 से ज्यादा सीमेंट बैंच लगाई जा चुकी है। नालियों को भी पक्का करवाया गया। नालियों में टाइल भी ग्रामीणों के सहयोग से लगाई गई है। स्ट्रीट लाइट लगने से अब रोशनी रहती है। जगह-जगह कचरा संग्रहण के डिब्बे लगाने का काम भी शुरू किया जाएगा।