फ्यूल सरचार्ज बढ़ा:प्रति यूनिट 16 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज से हर उपभाेक्ता पर बढ़ेगा 30 से 70 रुपए तक भार

सीकर2 महीने पहले
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  • जिलेभर के बिजली उपभाेक्ताओं काे हर दाे माह में लाखाें रुपए फ्यूल सरचार्ज देना हाेगा

पहले से ही महंगी बिजली की मार झेल रहे उपभाेक्ताओं पर राज्य सरकार ने प्रति यूनिट 16 प्रतिशत अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। सीकर जिले में कृषि, घरेलू व उद्याेग के मिलाकर करीब 6.50 लाख उपभाेक्ता हैं। इनमें से 71 हजार कृषि उपभाेक्ता हैं। बीपीएल उपभाेक्ता करीब 32 हजार हैं। ऐसे में अन्य 5.47 लाख उपभाेक्ताओं काे प्रति यूनिट 16 पैसे फ्यूल सरचार्ज देना होगा।

जिलेभर में उपभाेक्ता एक माह में करीब 20 से 23 कराेड़ यूनिट बिजली उपभाेग करते हैं। उन्हें हर दाे माह में लाखाें रुपए फ्यूल सरचार्ज देना हाेगा। ऐसे में कृषि उपभाेक्ता, बीपीएल व 50 यूनिट उपभाेग वाले उपभाेक्ताओं काे छाेड़कर अन्य सभी उपभाेक्ताओं काे बिजली बिल में 30 से लेकर 70 रुपए तक अतिरिक्त भार पड़ेगा। ये राशि बिजली उपभाेक्ताओं केे अक्टूबर माह के बिल में जुड़कर आएगी।

एक माह में प्रति यूनिट आठ पैसे के हिसाब से दाे माह के बिल में एक यूनिट पर 16 पैसे का अतिरिक्त भुगतान करना हाेगा। राज्य सरकार ने फ्यूल सरचार्ज के रूप में अब तक उपभाेक्ताओं पर औसतन 42 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार डाल दिया है। प्रदेशभर में 1.52 कराेड़ बिजली उपभाेक्ता हैं। इसमें कृषि उपभाेक्ता, बीपीएल व 50 यूनिट वाले 70 लाख उपभाेक्ता हैं। शेष 82 लाख उपभाेक्ताओं काे 16 पैसे प्रति यूनिट का भुगतान करना हाेगा। कुल मिलाकर उपभाेक्ताओं पर बिजली बिल का भार भी बढ़ गया है।

बसपा ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का विरोध किया

बसपा की ओर से सभी प्रकार के बिजली उपभोक्ताओं पर बिजली फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का विरोध किया गया है। मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री को ज्ञापन भेजकर बढ़ाए गए बिजली फ्यूल सरचार्ज को वापस लेने की मांग की गई है। पूरा प्रदेश महंगी बिजली से जूझ रहा है।

बावजूद इसके सभी प्रकार के बिजली उपभोक्ताओं के साथ फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर सरकार ने धोखा किया है। बसपा जिलाध्यक्ष दयानंद कुलदीप ने कहा कि अगर सरकार उपभोक्ताओं पर बढ़ाए गए बिजली सरचार्ज वापस नहीं लेगी तो बसपा की ओर से गांव-गांव में आंदोलन किया जाएगा।

इसलिए वसूला जाता है फ्यूल सरचार्ज

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग फिक्स दर के साथ वेरिएबल दर के हिसाब से टैरिफ निर्धारित करता है। वेरिएबल दर का निर्धारण काेयला, डीजल व परिवहन खर्च से किया जाता है। बिजली खरीद के दाैरान जाे फ्यूल की खरीद दर हाेती है और अनुबंध में जाे दर निर्धारित है, उनकी अंतर राशि को फ्यूल सरचार्ज के रूप में जनता से बिजली बिल के जरिए वसूली जाती है।

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