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सुकन्या योजना:सीकर में जमा हुए 21 लाख रुपए, प्रदेश में 5 साल में सुकन्या खातों में 2708 करोड़ जमा, राजस्थान 7वें और एमपी 8वें स्थान पर

सीकर8 दिन पहले
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पांच साल में राष्ट्रीय स्तर पर एक हजार बेटों पर बेटियों की संख्या 918 से बढ़कर 934 पहुंच गई
  • नवरात्र में बेटियों से जुड़ी खुशखबर प्रदेश में 9.83 लाख सुकन्या खाते हैं देश में तमिलनाडु पांच साल से पहले
  • बेटी की उम्र 18 साल होने पर उच्च शिक्षा के लिए सुकन्या समृद्धि खाते से 50 फीसदी तक पैसा निकाला जा सकता है

कुलदीप पारीक. बेटियों की जन्मदर बढ़ने के साथ ही अभिभावक उनके सुदृढ भविष्य की नींव भी रख रहे हैं। सुकन्या योजना में बढ़ता निवेश इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। नवरात्र में भास्कर बेटियों से जुड़ी ये खास रिपोर्ट लाया है। पांच साल में जिला स्तर पर एक हजार बेटों पर बेटियों की संख्या 941 से बढ़कर 960 पहुंच गई। वहीं प्रदेश में लिंगानुपात 929 से बढ़कर 948 हो गया।

इसी का नतीजा है कि प्रदेश में पांच साल में सुकन्या खातों की संख्या तीन लाख से 9.83 लाख हो गई। प्रदेश में सितंबर तक सुकन्या के नाम पर 2708 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। इससे ज्यादा खुशी का बात यह है कि कोरोना महामारी के बाजवूद अभिभावक बेटियों के लिए फिक्रमंद बन हुए हैं। अकेले सीकर जिले में अप्रैल से 15 अक्टूबर तक 6600 नए खाते खोले गए। इनमें 20 लाख 97 हजार रुपए जमा हुए। पांच साल में जिले में बेटियों के नाम पर अब तक 55 हजार खाते खोले जा चुके हैं।

2015 में केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना लॉच की। पांच साल बाद भी योजना में खाते खोलने और पैसा जमा करने में तमिलनाड्डु पहले पायदान पर बना हुआ है। जबकि राजस्थान 7वें और मध्यप्रदेश 8वें नंबर पर है। इसीलिए कुल खातों में राजस्थान का 5.65 व जमा राशि में 4.63 फीसदी हिस्सा है।

राजस्थान में 2015 में एक हजार बेटों पर 929 बेटियां थी। उस वक्त तीन लाख खातों में बेटियों के नाम पर 60 करोड़ रुपए निवेश किए गए। जबकि 2020 में बेटियों की संख्या 948 होने पर उनके नाम पर होने वाला निवेश भी 2708 करोड़ रुपए पहुंच चुका है।
योजना के तहत देशभर में बेटियों के नाम अब तक 58,266 करोड़ रुपए जमा हुए

पांच साल में राष्ट्रीय स्तर पर एक हजार बेटों पर बेटियों की संख्या 918 से बढ़कर 934 पहुंच गई। इसके साथ ही बेटियों के नाम निवेश भी बढ़ा। देश में पांच साल में सुकन्या खातों की संख्या 85 लाख से बढ़कर एक करोड़ 70 लाख हो गई। वहीं निवेश बढ़कर 58,266 करोड़ रुपए पहुंच चुका है।
नॉलेज : जानिए क्या है सुकन्या समृद्धि योजना
केंद्र सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की। बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले कभी भी सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया जा सकता है। यह खाता बैंक या पोस्ट ऑफिस में 250 रुपये से शुरू कर सकते हैं। वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। इसे 21 साल तक चालू रखा जा सकता है। माता-पिता चाहें तो 18 साल की उम्र में बेटी की शादी होने तक इसे चला सकते हैं। बेटी की उम्र 18 साल होने पर उच्च शिक्षा के लिए सुकन्या समृद्धि खाते से 50 फीसदी तक पैसा निकाला जा सकता है।
प्रदेश में यूं बढ़ता गया बेटियों के नाम निवेश
साल बेटियां सुकन्या खाते पैसा
2015 929 300840 60.11करोड़
2016 939 433441 254.74 करोड़
2017 943 631986 558.22 करोड़
2018 948 750291 859.44 करोड़
2020 948 983332 2708 करोड़
शुरुआत में राजस्थान 17 वें स्थान पर था: 2016 में राजस्थान सुकन्या खाते खोलने में 17वें स्थान पर था। 2020 में 7वें स्थान पर पहुंच गया। राजस्थान खाते खोलने में भले एमपी से एक स्थान पीछे है। लेकिन सुकन्या योजना में एमपी से एक स्थान पहले है।
सालाना 12 हजार जमा पर 21 साल में 5.43 लाख मिलेंगे
पीएनबी बैंक प्रबंधक सुदेश पूनिया ने बताया कि योजना में बेटी के जन्म पर पहले साल में सुकन्या समृद्धि योजना में एक हजार रुपए हर महीना या सालाना 12 हजार रुपए जमा करवाने पर 21 साल बाद 5.43 लाख रुपए मिलते हैं। इसमें अभिभावक की ओर से 14 साल में 1.68 लाख जमा होते हैं। मैच्योरिटी पर तीन लाख 75 हजार से ज्यादा का रिटर्न मिलता है।

इन राज्यों में बढ़ी बेटियाें की संख्या और जमा हुआ फंड

राज्य 2015 2020
बेटियां (अकाउंट) बेटियां (अकाउंट)
तमिलनाडु 917 12.35 लाख 943 20.78 लाख
यूपी 885 9.78 लाख 928 17.88 लाख
एमपी 926 3.26 लाख 935 13.65 लाख
राजस्थान 929 3.00 लाख 948 9.83 लाख
तेलंगाना 925 95 हजार 950 5.74 लाख
हरियाणा 876 2.97 लाख 924 5.50 लाख
हिमाचल प्रदेश 897 1.28 लाख 933 2.67 लाख
(नोट : एक हजार बेटों पर बेटियों की संख्या व सुकन्या योजना में खोले गए अकाउंट)

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