खाटूश्याम में भगदड़, 3 महिलाओं की मौत:मरने वालों में एक महिला जयपुर की; भीड़ कंट्रोल करने तैनात नहीं थी पुलिस, SHO सस्पेंड

सीकर23 दिन पहले
हादसे में घायल 4 लोगों में से एक की हालत गंभीर है। भगदड़ के बाद मंदिर में दर्शन दोबारा शुरू हो गए हैं।

राजस्थान के सीकर में सोमवार सुबह खाटूश्याम मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 3 महिलाओं की मौत हो गई, इनमें एक जयपुर की थीं। 4 लोग घायल हुए हैं। इस घटना में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक एकादशी पर भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस अमला तैनात नहीं किया गया था। इस लापरवाही पर SP कुंवर राष्ट्रदीप ने खाटू SHO रिया चौधरी को सस्पेंड कर दिया है।

हादसा सुबह 5 बजे तब हुआ, जब एकादशी के मौके पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ गई। बताया जा रहा है कि उस वक्त गेट से बाहर करीब एक लाख लाेग मौजूद थे। देर रात से ही श्रद्धालु लाइन में लगे थे। जैसे ही सुबह मंदिर के पट खुले, भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई हादसे की कहानी...

सीएम ने दिए जांच के आदेश
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। संभागायुक्त विकास सीताराम भाले पूरे मामले की जांच करेंगे।

जांच से पहले ही जिला प्रशासन ने हादसे को भगदड़ मानने से इनकार कर दिया है। सीकर कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि प्रवेश दर्शन मार्ग का गेट खोलते समय भीड़ के दबाव के चलते यह हादसा हुआ है।

हादसे में महिला शांति देवी, कृपा देवी और माया देवी मारी गई हैं। कृपा देवी जयपुर के मानसरोवर इलाके की रहने वाली थीं, वहीं माया देवी यूपी के हाथरस से थीं। बॉडीज को खाटूश्यामजी हॉस्पिटल की मॉर्चुरी में रखवाया गया है, जहां उनका पोस्टमार्टम होगा।

ये तस्वीर हादसे के बाद भगदड़ में मारे गए लोगों की है। तीनों मृतक महिलाएं हैं।
ये तस्वीर हादसे के बाद भगदड़ में मारे गए लोगों की है। तीनों मृतक महिलाएं हैं।
खाटूश्यामजी मंदिर परिसर में भगदड़ के बाद मृतकों के शव ले जाते हुए राहत-बचाव कर्मी।
खाटूश्यामजी मंदिर परिसर में भगदड़ के बाद मृतकों के शव ले जाते हुए राहत-बचाव कर्मी।
हादसे के बाद खाटूश्यामजी के दर्शन दोबारा शुरू हो गए हैं। तस्वीर में आप भक्तों की लंबी कतारें देख सकते हैं।
हादसे के बाद खाटूश्यामजी के दर्शन दोबारा शुरू हो गए हैं। तस्वीर में आप भक्तों की लंबी कतारें देख सकते हैं।
खाटूश्यामजी मंदिर का मुख्य द्वार। यहां लगने वाले मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं।
खाटूश्यामजी मंदिर का मुख्य द्वार। यहां लगने वाले मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं।

हालात काबू में, दर्शन दोबारा शुरू- पुलिस
पुलिस ने बताया कि मंदिर के बाहर भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही मंदिर के गेट खुले, लोग एक-दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ने लगे। कुछ लोगों ने बताया कि धक्का-मुक्की में एक महिला बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके चलते पीछे आ रहे लोग भी गिरने लगे। भगदड़ की खबर मिलते ही पुलिस टीम मंदिर पहुंची और हालात संभाले। मंदिर में दर्शन दोबारा शुरू हो गए हैं।

PM और CM ने दुख जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खाटूश्यामजी में भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत से दुखी हूं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि हादसे में मारी गईं तीनों महिलाओं के परिजनों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने घायलों की जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

श्याम बगीची के पास इसी जगह हादसा हुआ। सुबह यह दरवाजे खुले थे। बैरिकेडिंग यहीं से शुरू हो रही थी। घटना के बाद इसे बंद कर दिया गया।
श्याम बगीची के पास इसी जगह हादसा हुआ। सुबह यह दरवाजे खुले थे। बैरिकेडिंग यहीं से शुरू हो रही थी। घटना के बाद इसे बंद कर दिया गया।

भगदड़ में शिवचरण (50), मनोहर (40), करनाल की इंदरादेवी (55), अलवर की अनोजी (40) घायल हुए हैं। मनोहर की हालत गंभीर है। उन्हें जयपुर रेफर किया गया है।

ग्यारस पर पांच लाख से ज्यादा लोग करते हैं दर्शन
खाटूश्यामजी के मासिक मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पट बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की कई किलोमीटर की लाइन लग जाती है।

हर महीने दाे बार ग्यारस तिथि पर खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए लाखों लाेग उमड़ते हैं। ऐसा अनुमान है कि हर ग्यारस पर यहां राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों से 5 लाख से ज्यादा लोग दर्शन के लिए आते हैं। ग्यारस पर खाटूश्यामजी के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है।

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