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खाटू मंदिर के गल्लों पर बिगड़ी ट्रस्ट की नीयत:एक दिन पहले देवस्थान ने 2 सीलबंद गल्ले रखवाए तब भी बिना सील के नोटों से भरे गल्लों की बात छिपाई

सीकर13 दिन पहले
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ट्रस्ट ने दानपात्राें की चाबी नहीं दी ताे इंस्पेक्टर ने ताले कटवाकर दूसरे लगवाए। - Dainik Bhaskar
ट्रस्ट ने दानपात्राें की चाबी नहीं दी ताे इंस्पेक्टर ने ताले कटवाकर दूसरे लगवाए।
  • तीन दिन के बाद भी ट्रस्ट ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, देवस्थान विभाग ने थमाया रिमाइंडर
  • सेवक परिवार के कुछ सदस्य वायरल वीडियो में दोनों दानपात्रों में से चार बार रुपए निकालने का आरोप लगा रहे

श्री खाटूश्याम मंदिर में 14 फरवरी को लाखों रुपए से भरे दो गल्लों पर देवस्थान विभाग का ताला व सील नहीं मिलने की कहानी में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। ट्रस्ट के पदाधिकारी अब तक यह कहानी बताते रहे कि आनन-फानन में जरूरत पड़ने पर यह गल्ले रखवाने पड़े। पदाधिकारियों की यह सफाई सचाई से परे नजर आ रही है। हकीकत यह है कि घटना के एक दिन पहले ही, यानी 13 फरवरी को ही देवस्थान विभाग की टीम ट्रस्ट के बुलावे पर ही मंदिर कार्यालय पहुंची थी। टीम ने दो नए गल्ले सीलबंद कर सौंपे थे।

लेकिन तब भी पदाधिकारियों ने यह बात छिपाए रखी कि नंबर 14 व 15 दो गल्ले भर चुके हैं और उन पर देवस्थान विभाग का ताला व सील नहीं है। इतने बड़े मंदिर ट्रस्ट, जहां पदाधिकारियों के अलावा कार्मिकों की बड़ी टीम है, वहां इस तरह की जानकारी छिपाए रखना बड़े स्तर पर गड़बड़ियों के संकेत दे रही है। क्योंकि दोनों गल्ले एक दिन में नहीं भरे। गल्ले रखे भी गए।

महीने-पंद्रह दिन वे बाहर रखे भी रहे। नोटों से भर गए तो चुपचाप उन्हें एक कमरे में उठाकर रख भी लिया। इतने पर भी किसी ने इसकी सूचना देवस्थान विभाग को नहीं दी। मामला तब खुला जब सेवक परिवार के ही कुछ सदस्यों को इनमें से रुपए निकालने का अंदेशा जताते हुए देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त को शिकायत की। उन्होंने जयपुर से टीम तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। वायरल वीडियो में सेवक परिवार के कुछ सदस्य ऐसा ही आरोप ट्रस्ट पर लगा भी रहे हैं। उनका आरोप है कि यह पहली घटना नहीं है। चार बार दानपात्रों से रुपए निकाले जा चुके हैं।

पूरे मामले में देवस्थान विभाग भी मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर यही सवाल खड़े कर रहा है। सहायक आयुक्त द्वितीय महेंद्र देवतवाल ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को नोटिस दिया है। नोटिस में लिखा है कि दो दिन पहले भी ट्रस्ट की मांग पर भेंट पात्र शिफ्ट करने लिए भेजा गया था। उस समय भी पदाधिकारी उक्त दोनों दानपात्रों पर ताले लगाने की मांग कर सकते थे।

ट्रस्ट की आय पर निगरानी के लिए विधानसभा की याचिका समिति में लिए निर्णय के अनुसार देवस्थान विभाग अपने प्रतिनिधि की उपस्थिति में सन 2000 से लगातार दानपात्रों पर अपने ताले लगाने सहित ट्रस्ट के अन्य आय-व्यय पर ध्यान रख रहा है। जिसके नियमों की सारी जानकारी होने के उपरांत भी बिना विभाग की जानकारी में लाए न्यास की आय को खुर्द बुर्द किए जाने की मंशा से ऐसा किया है।

सबसे बड़ा सवाल- कभी दर्शनों के नाम पर वसूली के आरोप, अब चढ़ावे में सेंधमारी, आखिर खाटूश्याम मंदिर में टेंपलबोर्ड क्यों नहीं बनाती सरकार?

वायरल वीडियो से पदाधिकारियों की चोरी पकड़ में आई

वायरल वीडियो में देवस्थान के इंस्पेक्टर यह भी कह रहे हैं कि दानपात्र नंबर 4 व 5 भर गए उन्हें मैंने कार्रवाई से दो दिन पहले ही 12 फरवरी को कमरे में रखवाया है। इनके स्थान पर दानपात्र 6 व 9 रखवाए गए हैं। एक सेवक परिवार का सदस्य कह रहा है कि दानपात्र बिना विभाग की परमिशन के कैसे रख दिए। एक कार्मिक ने तो इंस्पेक्टर को कहा कि आपने चैक क्योें नहीं किया। इस दौरान सेवक परिवार, कमेटी के सदस्यों में वीडियो नहीं बनाने को लेकर और ज्यादा मामला नहीं फैलाने को लेकर बहस हो रही है।
चार बार दानपात्रों को रख राशि निकालने का आरोप

अब चढ़ावे की राशि के हिसाब में पारदर्शिता को लेकर श्री श्याम मंदिर कमेटी ट्रस्ट के पदाधिकारी सवालों के घेरे में है। वायरल वीडियाे में सेवक परिवार के कुछ लोग इन दोनों दानपात्रों को चार बार रखकर राशि निकालने का आरोप लगा रहे हैं। बड़ा सवाल है कि ट्रस्ट पदाधिकारियों ने इन दानपात्रों को कितनी बार मंदिर परिसर में रखवाया और कितनी बार इनसे राशि निकाली।

सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को कहा

नोटिस में विभाग ने ट्रस्ट पदाधिकारियों को हिदायत दी है कि पूर्व में लगे भेंट पात्रों को समुचित सुरक्षा में रखा जाए। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखने को कहा गया है।
कई बार उठ चुकी टेंपल बोर्ड बनाने की बात

खाटूश्याम मंदिर में चढ़ावे की राशि को खुर्द-बुर्द करने, दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का आर्थिक आधार पर विभाजन, रुपए लेकर बैक डोर से श्रद्धालुओं को दर्शन कराने और चढ़ावे से मिली राशि को मनमर्जी से खर्च करने के आरोप ट्रस्ट पर लगते रहे हैं। मामला विधानसभा में भी कई बार पहुंचा। याचिका समिति के तत्कालीन अध्यक्ष व दांतारामगढ़ विधायक नारायणसिंह ने भी इसको लेकर व्यवस्था दी थी। इसके बाद पूर्व

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मौजूदा सरकार में मंत्री रहे विश्वेंद्र सिंह भी यहां टेंपल बोर्ड बनाने की घोषणा कर चुके। बावजूद इसके यह घोषणा फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई।
चाबियां अध्यक्ष के पास रहती है, मुझे कोई जानकारी नहीं
दोनों गल्लों पर ताले क्यों नहीं लगे, और टीम आई तो चाबियां क्यों नहीं मिली, मुझे जानकारी नहीं है। मैं मौके पर नहीं था। चाबियां अध्यक्ष के पास रहती हैं।
कालूसिंह, कोषाध्यक्ष
ट्रस्ट ने जवाब नहीं दिया, अब दूसरा नोटिस जारी किया है

मामले में अगले दिन ही ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। तीन दिन में भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। बुधवार को दूसरा नोटिस जारी किया है।
महेंद्र देवतवाल, सहायक आयुक्त द्वितीय, देवस्थान विभाग

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